SSC: अब छह से 10 माह में होगी नियुक्ति, एसएससी ने भर्ती प्रक्रिया तेज करने के लिए किए कई सुधार; यहां पढ़ें
SSC: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने भर्ती प्रक्रिया तेज़ करने के लिए कई सुधार किए हैं। अब भर्ती चक्र 15-18 महीने से घटकर 6-10 महीने में पूरा हो रहा है। ई-डॉसियर प्रणाली, कंप्यूटर आधारित परीक्षा और क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा जैसे कदम शामिल हैं।
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SSC: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के लिए कई सुधार कदम उठाए हैं। इनमें परीक्षा अधिसूचना की अवधि को लगभग 45 दिन से घटाकर 21 दिन करना भी शामिल है। यह जानकारी राज्यसभा को गुरुवार को दी गई।
कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लिखित उत्तर में बताया कि इन सुधारात्मक कदमों का असर यह हुआ है कि एसएससी की विभिन्न परीक्षाओं की भर्ती प्रक्रिया, जो पहले 15 से 18 महीने में पूरी होती थी, अब 6 से 10 महीने में पूरी हो रही है।
भर्ती चक्र छोटा करने के लिए किए गए कई बदलाव
सिंह ने बताया कि आयोग ने भर्ती चक्र छोटा करने के लिए कई बदलाव किए हैं। इनमें "पेन और पेपर आधारित परीक्षा से पूरी तरह कंप्यूटर आधारित परीक्षा की ओर जाना", "परीक्षा के चरणों की संख्या घटाना" और "अधिसूचना अवधि को लगभग 45 दिन से घटाकर 21 दिन करना" शामिल है।
उन्होंने कहा कि सुधारों में "सभी परीक्षाओं से वर्णनात्मक प्रश्नपत्र को हटाना (संयुक्त हिंदी अनुवादक परीक्षा को छोड़कर)", "चयनित अभ्यर्थियों का दस्तावेज़ सत्यापन संबंधित मंत्रालय/विभाग द्वारा कराना", "साक्षात्कार समाप्त करना" और "ई-डॉसियर प्रणाली लागू कर भौतिक डॉसियर की जगह डिजिटल डॉसियर का इस्तेमाल करना" शामिल हैं। इससे नियुक्ति से पहले सत्यापन की प्रक्रिया तेज़ हो गई है।
ऑनलाइन केंद्रीकृत ई-डॉसियर प्रणाली भी विकसित की गई
एक अन्य उत्तर में मंत्री ने बताया कि एसएससी ने एक ऑनलाइन केंद्रीकृत ई-डॉसियर प्रणाली विकसित की है, जिससे भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के डॉसियर का सुरक्षित, पारदर्शी और छेड़छाड़-रहित प्रबंधन संभव हो सका है।
इस प्रणाली की मुख्य विशेषताओं में एसएससी और मंत्रालयों/विभागों को अधिकृत लॉगिन के माध्यम से भूमिका-आधारित एक्सेस देना और हर चरण पर यूनिक ट्रैकिंग नंबर से निगरानी करना शामिल है, जिससे डेटा की शुद्धता और प्रामाणिकता बनी रहती है।
मंत्री ने बताया कि ई-डॉसियर प्रणाली को एसएससी की कई प्रमुख परीक्षाओं में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। इनमें संयुक्त स्नातक स्तर (CGL) परीक्षा 2024, संयुक्त उच्चतर माध्यमिक स्तर (CHSL) परीक्षा 2024, कनिष्ठ अभियंता (JE) परीक्षा 2024 और बहु-कार्य (गैर-तकनीकी) कर्मचारी व हवलदार (CBIC और CBN) परीक्षा 2024 शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि ई-डॉसियर प्रणाली से नियुक्ति पूर्व प्रक्रिया में कई लाभ हुए हैं। इससे डिजिटल ट्रैकिंग के साथ डॉसियर का त्वरित सत्यापन और प्रेषण संभव हुआ है। साथ ही SSC और मंत्रालयों/विभागों के बीच समन्वय बेहतर हुआ है और भौतिक डॉसियर का उपयोग घटा है, जिससे नियुक्ति पूर्व सत्यापन और अभ्यर्थियों की अनुशंसा की प्रक्रिया तेज हुई है।
क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा
क्षेत्रीय भाषाओं के उपयोग को बढ़ावा देने के विषय में सिंह ने बताया कि वर्ष 2022 से SSC तीन अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षाएं - एमटीएस (गैर-तकनीकी) कर्मचारी और हवलदार परीक्षा, संयुक्त उच्चतर माध्यमिक (10+2) स्तर परीक्षा और कांस्टेबल (जीडी) परीक्षा 13 क्षेत्रीय भाषाओं के साथ हिंदी और अंग्रेजी में भी आयोजित कर रहा है।