Startup Partnership: सिर्फ आइडिया नहीं, साझेदारी भी हो मजबूत; सही पार्टनर के बिना स्टार्टअप अधूरा
Startup Partnership: स्टार्टअप की सफलता में सही साझेदार की भूमिका बेहद अहम होती है। पार्टनर चुनते समय जल्दबाजी करने के बजाय व्यावसायिक जरूरतों और आपसी समझ को प्राथमिकता देना चाहिए।
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Business Partner Selection: लेखक अली तमसेब की किताब सुपर फाउंडर्स के अनुसार पांच में से चार यूनिकॉर्न साझेदारी के साथ शुरू किए जाते हैं। शोध भी बताते हैं कि अच्छा सह-संस्थापक होने से स्टार्टअप को न सिर्फ मजबूती मिलती है, बल्कि वित्तीय लाभ भी होते हैं। हालांकि, एक दुविधा हमेशा रहती है कि स्टार्टअप की शुरुआत करने के लिए सह-संस्थापक जरूरी है भी या नहीं।
अगर हैं, तो फिर उनकी तलाश कैसे की जाए। यह फैसला लेना आसान नहीं होता, क्योंकि को-फाउंडर के साथ काम करने में मतभेद, फैसलों पर टकराव और संवाद जैसी भावनात्मक चुनौतियां आती हैं। इसलिए, उनका चुनाव करने समय कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए।
जरूरत को समझें
शुरुआती चरण में की गई छोटी गलतियां भी स्टार्टअप को जोखिम में डाल सकती हैं। ऐसे में, सह-संस्थापक का चुनाव बेहद सोच-समझकर करना चाहिए। आपको यह पता होना चाहिए कि आपके पास किस तकनीक या क्षेत्र से जुड़ी विशेषज्ञता है और किनमें अनुभव की कमी है, जिसे एक को-फाउंडर पूरा कर सकता है।
आज के समय में तकनीकी या मैनेजमेंट कौशल के साथ अन्य क्षेत्रों में विशेषज्ञता भी स्टार्टअप के लिए फायदेमंद साबित होती है। ये क्षेत्र स्वास्थ्य, वित्तीय सेवाएं या उत्पादन और वितरण आदि हो सकते हैं। इनसे जुड़े पेशेवरों का ज्ञान सिर्फ रणनीति को दिशा नहीं देता, बल्कि निवेशकों और ग्राहकों के बीच स्टार्टअप की साख भी मजबूत करता है।
अनुभव भी हो एक कसौटी
स्टार्टअप शुरू करने वाले आंत्रप्रेन्योर अवसर युवा होते हैं। कई के पास तो अनुभव नहीं के बराबर या फिर बेहद कम होता है। ऐसे में, उन्हें सह-संस्थापक की आवश्यकता पर विचार करने से पहल सोचना चाहिए कि क्या उनके पास स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी अनुभव और परिपक्वता है।
अगर नहीं है, तो क्या किसी ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता है जिसके पास दोनों खूबियां हों। को-फाउंडर में धैर्य और बेहतर संचार कौशल का होना भी बेहद जरूरी है। हालांकि, यदि आप किसी को अपनी कंपनी में साझेदार नहीं बनाना चाहते हैं, तो सलाहकारों और परामर्शदाताओं से भी जरूरी सलाह ले सकते हैं। आप चाहें, तो अपने अधीनस्थों को उनके अनुभव के आधार पर नियुक्त कर सकते हैं। हो सकता है भविष्य में आप इन्हें ही सह-संस्थापक की भूमिका में देखना पसंद करें।
बिजनेस पार्टनर चुनने से पहले
यदि आपने तप कर लिया है कि आपको बिजनेस पार्टनर की जरूरत है, तो इत्मीनान से उसकी तलाश करें। ऐसा करने के लिए अन्य स्टार्टअप के सह-संस्थापकों से मिलें। उनसे पूछें कि वे अपने भागीदारों में किन गुणों को सबसे अधिक महत्व देते हैं, उन्हें अपने रिश्ते की शुरुआत में किन बाधाओं को पार करना पड़ा और आपको किन खतरनाक संकेतों (रेड फ्लेम्स) पर ध्यान देना चाहिए। मनमुताबिक सह-संस्थापक मिल जाने के बाद आपको उससे नियमित संवाद करने पर जोर देना। साथ ही, काम के अलावा चाहर भी उसके साथ समय बिताएं।