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विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर: रिम्स में स्नातकोत्तर की छत्तीस नई सीटें बढ़ीं, कुल संख्या हुई 212
Sat, 07 Nov 2026 06:51 AM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 07 Nov 2026 06:51 AM IST
सार
रांची स्थित रिम्स में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पीजी की 36 नई सीटें बढ़ाई गई हैं। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग की स्वीकृति के बाद कुल सीटें 176 से बढ़कर 212 हो गई हैं। सात विभागों में हुई इस वृद्धि से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
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राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान
- फोटो : https://www.rimsranchi.org/
विस्तार
झारखंड में चिकित्सा शिक्षा हासिल कर रहे विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम के लिए 36 नई सीटें बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 की नई सीट सूची जारी की है। इसके अनुसार संस्थान में पीजी सीटों की कुल संख्या 176 से बढ़कर 212 हो गई है। सीटों में यह वृद्धि सात अलग-अलग विभागों में की गई है। इस निर्णय से अधिक संख्या में चिकित्सकों को विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर मिलेगा।
ये भी पढ़ें- जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने का आदेश हाईकोर्ट ने किया खारिज, हजारों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत
सात विभागों में बढ़ीं स्नातकोत्तर सीटें
रिम्स में स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए सात विभागों में नई सीटें स्वीकृत की गई हैं। एनेस्थीसियोलॉजी विभाग को सबसे अधिक आठ नई सीटें मिली हैं। इसके अलावा कम्युनिटी मेडिसिन तथा माइक्रोबायोलॉजी विभाग में छह-छह सीटों की बढ़ोतरी हुई है। जनरल मेडिसिन विभाग में पांच अतिरिक्त सीटें प्रदान की गई हैं। वहीं एनाटॉमी और फार्माकोलॉजी विभागों को चार-चार नई सीटें मिली हैं। फिजियोलॉजी विभाग में तीन नई सीटों की स्वीकृति दी गई है। पीजी स्तर पर विशेषज्ञता प्राप्त करने वाले चिकित्सक किसी विशेष बीमारी या चिकित्सा पद्धति में महारत हासिल करते हैं। नई सीटें स्वीकृत होने से राज्य के ही चिकित्सा संस्थान में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे।
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स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार
झारखंड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की मांग लंबे समय से बनी हुई है। रिम्स में स्नातकोत्तर सीटों के बढ़ने से राज्य को हर वर्ष अधिक संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सक मिल सकेंगे। यहां से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टर सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों का बेहतर इलाज कर सकेंगे। इससे प्रदेश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूती मिलेगी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर होगी। हालांकि, इस व्यवस्था का वास्तविक लाभ तभी मिल सकेगा जब पढ़ाई पूरी करने वाले चिकित्सक झारखंड के ही विभिन्न अस्पतालों में अपनी सेवाएं देंगे।
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सात विभागों में बढ़ीं स्नातकोत्तर सीटें
रिम्स में स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए सात विभागों में नई सीटें स्वीकृत की गई हैं। एनेस्थीसियोलॉजी विभाग को सबसे अधिक आठ नई सीटें मिली हैं। इसके अलावा कम्युनिटी मेडिसिन तथा माइक्रोबायोलॉजी विभाग में छह-छह सीटों की बढ़ोतरी हुई है। जनरल मेडिसिन विभाग में पांच अतिरिक्त सीटें प्रदान की गई हैं। वहीं एनाटॉमी और फार्माकोलॉजी विभागों को चार-चार नई सीटें मिली हैं। फिजियोलॉजी विभाग में तीन नई सीटों की स्वीकृति दी गई है। पीजी स्तर पर विशेषज्ञता प्राप्त करने वाले चिकित्सक किसी विशेष बीमारी या चिकित्सा पद्धति में महारत हासिल करते हैं। नई सीटें स्वीकृत होने से राज्य के ही चिकित्सा संस्थान में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे।
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स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार
झारखंड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की मांग लंबे समय से बनी हुई है। रिम्स में स्नातकोत्तर सीटों के बढ़ने से राज्य को हर वर्ष अधिक संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सक मिल सकेंगे। यहां से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टर सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों का बेहतर इलाज कर सकेंगे। इससे प्रदेश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूती मिलेगी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर होगी। हालांकि, इस व्यवस्था का वास्तविक लाभ तभी मिल सकेगा जब पढ़ाई पूरी करने वाले चिकित्सक झारखंड के ही विभिन्न अस्पतालों में अपनी सेवाएं देंगे।