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झारखंड: जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने का आदेश हाईकोर्ट ने किया खारिज, हजारों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत

Fri, 06 Nov 2026 12:49 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: प्रतीक कुमार पाण्डेय Updated Fri, 06 Nov 2026 12:49 PM IST
सार

झारखंड हाईकोर्ट ने 2024 की जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को निरस्त कर दिया है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने सरकार के फैसले को अनुचित और अन्यायपूर्ण बताया। सरकार ने अगस्त में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों के बीच परीक्षा रद्द की थी।

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Jharkhand High Court Quashes JSSC CGL 2024 Exam Cancellation
झारखंड उच्च न्यायालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झारखंड हाईकोर्ट ने आज यानी 6 नवंबर को राज्य सरकार के एक आदेश को खारिज कर दिया। यह आदेश वर्ष 2024 की झारखंड कर्मचारी चयन आयोग संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा रद्द करने से संबंधित था। न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने सरकार के इस फैसले को अनुचित और अन्यायपूर्ण बताया। उन्होंने यह टिप्पणी कई अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए की। सरकार ने 18 अगस्त को कथित प्रश्नपत्र लीक और बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोपों के बीच परीक्षा रद्द करने की अधिसूचना जारी की थी।
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हाईकोर्ट के इस आदेश से परीक्षा में सफल हुए हजारों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। सरकार के 18 अगस्त के आदेश के बाद उनकी नियुक्ति की उम्मीदों पर असर पड़ा था। अब हाईकोर्ट के आदेश से इस मामले में अभ्यर्थियों को न्याय मिला है।
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कई अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार के फैसले को दी थी चुनौती
परीक्षा पास करने वाले कई अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं। इन याचिकाओं पर सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने सरकारी अधिसूचना को निरस्त कर दिया। यह अधिसूचना परीक्षा रद्द करने से संबंधित थी। अदालत ने सरकार के निर्णय को 'अनुचित और अन्यायपूर्ण' करार दिया। अभ्यर्थियों ने अपनी याचिकाओं में कहा था कि उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया।
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राज्य सरकार ने अदालत में दी थी ये दलील
राज्य सरकार ने अदालत में दलील दी थी कि भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई थीं। प्रश्नपत्र लीक होने के भी साक्ष्य मिले थे। इसी आधार पर पूरी परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया था। वहीं, परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों ने अदालत में अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया। उनका तर्क था कि कथित अनियमितताओं के लिए सभी सफल उम्मीदवारों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। हजारों अभ्यर्थियों की नियुक्ति की उम्मीदें इस फैसले से प्रभावित हुई थीं।


हेमंत सोरेन सरकार ने कथित भर्ती अनियमितताओं को लेकर कई निर्णय लिए थे। वर्ष 2014 से आयोजित जेपीएससी, जेएसससी और आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल की 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द किया गया था। इसके अलावा 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश भी दिए गए थे। यह कदम भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच उठाया गया था। अब जेएसएससी-साीजीएल 2024 परीक्षा रद्द करने का आदेश हाईकोर्ट द्वारा निरस्त हो गया है। 
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