{"_id":"6ae9d054a833faaacc07fe00","slug":"nia-probe-ranchi-rss-office-attack-shahzad-bhatti-network-2026-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"झारखंड: संघ कार्यालय पर हमले के तार अंतरराष्ट्रीय आतंकी सिंडिकेट से जुड़ते दिख रहे, जांच में जुटी एनआईए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झारखंड: संघ कार्यालय पर हमले के तार अंतरराष्ट्रीय आतंकी सिंडिकेट से जुड़ते दिख रहे, जांच में जुटी एनआईए
Tue, 03 Nov 2026 05:46 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रतीक कुमार पाण्डेय
Updated Tue, 03 Nov 2026 05:46 PM IST
सार
रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। जांच में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके विदेशी सहयोगियों के संपर्क में रहे युवाओं की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। रांची, लखनऊ और नोएडा में सामने आए मामलों के बीच संभावित कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय कार्यालय पर हुए हमले के तार अब अंतरराष्ट्रीय आतंकी और आपराधिक नेटवर्क से जुड़ गए हैं। पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके विदेशी सहयोगियों के गिरोह पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शिकंजा कस दिया है। एनआईए की लखनऊ इकाई ने देश के युवाओं को भड़काकर कट्टरपंथ की ओर धकेलने, आपराधिक गतिविधियों में उनका इस्तेमाल करने और विभिन्न राज्यों में हिंसा फैलाने की कथित साजिश के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की है। जांच एजेंसी इस बात की मुख्य रूप से पड़ताल कर रही है कि क्या रांची, लखनऊ और नोएडा में सामने आई सिलसिलेवार घटनाओं के पीछे एक ही अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट काम कर रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों ने किया था खुलासा
जून 2026 में चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय कार्यालय पर कुछ असामाजिक तत्वों ने पेट्रोल बम से हमला किया था। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने लोहरदगा निवासी तीन आरोपियों अमन अंसारी उर्फ गोलू, सैफ अंसारी और सायम सुजान को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी अमन अंसारी ने इस बात का खुलासा किया था कि वह पाकिस्तान में छिपे गैंगस्टर शहजाद भट्टी और दुबई में मौजूद उसके सहयोगी आवेश राजपूत उर्फ 'राणा' के साथ लगातार वॉयस और वीडियो कॉल के जरिये संपर्क में बना हुआ था। विदेशी हैंडलरों ने मोबाइल पर कार्यालय की तस्वीर और लोकेशन भेजी थी। इस हमले को अंजाम देने के बदले तीनों को डेढ़ लाख रुपये देने का आश्वासन दिया गया था, जिसमें से कुछ डिजिटल भुगतान किया भी गया था।
रांची से लखनऊ तक फैला नेटवर्क
रांची में वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद हैंडलरों ने आरोपियों को कानपुर के रास्ते लखनऊ पहुंचने का निर्देश दिया था। वहां उन्हें बड़े टास्क को अंजाम देना था। हालांकि, सतर्क पुलिस ने आरोपी अमन और सैफ को कोडरमा के गझंडी स्टेशन के पास से ही गिरफ्तार कर लिया था। इसी पाकिस्तानी हैंडलरों के नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप में उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने 30 अक्तूबर को लखनऊ से पंजाब के रहने वाले तीन युवकों गगनदीप सिंह, रजत कुमार और कृष्ण को दबोच लिया था। इनके साथ ही एक नाबालिग को भी संरक्षण में लिया गया था।
विज्ञापन
लखनऊ में था बड़ा टास्क
ये आरोपी 'राणा भाई' नामक हैंडलर के निर्देश पर लखनऊ में किसी पुलिसकर्मी, सेना के जवान अथवा सुरक्षा प्रतिष्ठान को निशाना बनाने की ताक में थे। आरोपियों को इस हमले का वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजने के बदले तीन लाख रुपये देने की बात कही गई थी। पुलिस ने इनसे विदेशी पिस्तौल, 20 जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन में कई संदिग्ध चैट तथा वीडियो बरामद किए हैं। उत्तर प्रदेश एटीएस इन की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए एनआईए अदालत में सुनवाई का सामना कर रही है, ताकि वित्तीय लेन-देन और विदेशी नंबरों की सच्चाई सामने आ सके।
नोएडा मामले से जुड़ते तार
एनआईए 23 अप्रैल को नोएडा से गिरफ्तार तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान और दिल्ली निवासी समीर खान से जुड़े मामले की भी गहनता से जांच कर रही है। इन दोनों आरोपियों के भी शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी आबिद जट के सीधे संपर्क में होने के ठोस सबूत मिले हैं। जांच एजेंसियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह नेटवर्क सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय युवाओं से संपर्क साधता था। इसके बाद इंटरनेट कॉल पर टास्क देकर देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी गतिविधियों को फैला रहा था।
विज्ञापन
गिरफ्तार आरोपियों ने किया था खुलासा
जून 2026 में चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय कार्यालय पर कुछ असामाजिक तत्वों ने पेट्रोल बम से हमला किया था। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने लोहरदगा निवासी तीन आरोपियों अमन अंसारी उर्फ गोलू, सैफ अंसारी और सायम सुजान को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी अमन अंसारी ने इस बात का खुलासा किया था कि वह पाकिस्तान में छिपे गैंगस्टर शहजाद भट्टी और दुबई में मौजूद उसके सहयोगी आवेश राजपूत उर्फ 'राणा' के साथ लगातार वॉयस और वीडियो कॉल के जरिये संपर्क में बना हुआ था। विदेशी हैंडलरों ने मोबाइल पर कार्यालय की तस्वीर और लोकेशन भेजी थी। इस हमले को अंजाम देने के बदले तीनों को डेढ़ लाख रुपये देने का आश्वासन दिया गया था, जिसमें से कुछ डिजिटल भुगतान किया भी गया था।
विज्ञापन
रांची से लखनऊ तक फैला नेटवर्क
रांची में वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद हैंडलरों ने आरोपियों को कानपुर के रास्ते लखनऊ पहुंचने का निर्देश दिया था। वहां उन्हें बड़े टास्क को अंजाम देना था। हालांकि, सतर्क पुलिस ने आरोपी अमन और सैफ को कोडरमा के गझंडी स्टेशन के पास से ही गिरफ्तार कर लिया था। इसी पाकिस्तानी हैंडलरों के नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप में उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने 30 अक्तूबर को लखनऊ से पंजाब के रहने वाले तीन युवकों गगनदीप सिंह, रजत कुमार और कृष्ण को दबोच लिया था। इनके साथ ही एक नाबालिग को भी संरक्षण में लिया गया था।
विज्ञापन
लखनऊ में था बड़ा टास्क
ये आरोपी 'राणा भाई' नामक हैंडलर के निर्देश पर लखनऊ में किसी पुलिसकर्मी, सेना के जवान अथवा सुरक्षा प्रतिष्ठान को निशाना बनाने की ताक में थे। आरोपियों को इस हमले का वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजने के बदले तीन लाख रुपये देने की बात कही गई थी। पुलिस ने इनसे विदेशी पिस्तौल, 20 जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन में कई संदिग्ध चैट तथा वीडियो बरामद किए हैं। उत्तर प्रदेश एटीएस इन की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए एनआईए अदालत में सुनवाई का सामना कर रही है, ताकि वित्तीय लेन-देन और विदेशी नंबरों की सच्चाई सामने आ सके।
नोएडा मामले से जुड़ते तार
एनआईए 23 अप्रैल को नोएडा से गिरफ्तार तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान और दिल्ली निवासी समीर खान से जुड़े मामले की भी गहनता से जांच कर रही है। इन दोनों आरोपियों के भी शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी आबिद जट के सीधे संपर्क में होने के ठोस सबूत मिले हैं। जांच एजेंसियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह नेटवर्क सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय युवाओं से संपर्क साधता था। इसके बाद इंटरनेट कॉल पर टास्क देकर देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी गतिविधियों को फैला रहा था।