{"_id":"6ae8cce6dea0245b7a0373fd","slug":"jharkhand-gangsters-rahul-dubey-rahul-singh-red-corner-notice-2026-11-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"झारखंड: विदेश में छिपे गैंगस्टर राहुल दुबे और राहुल सिंह पर रेड कॉर्नर नोटिस, हवाई अड्डों पर सतर्कता बढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झारखंड: विदेश में छिपे गैंगस्टर राहुल दुबे और राहुल सिंह पर रेड कॉर्नर नोटिस, हवाई अड्डों पर सतर्कता बढ़ाई
Tue, 03 Nov 2026 07:06 AM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 03 Nov 2026 07:06 AM IST
सार
सीबीआई ने झारखंड पुलिस की अनुशंसा पर विदेश में छिपे गैंगस्टर राहुल दुबे और राहुल सिंह के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। दोनों पर विदेश से गिरोह चलाने, कारोबारियों से रंगदारी मांगने और गोलीबारी की साजिश रचने के आरोप हैं। पुलिस अब उनकी गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास करेगी।
विज्ञापन
सीबीआई
- फोटो : ANI
विस्तार
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने झारखंड पुलिस की अनुशंसा पर विदेश में बैठकर आपराधिक गिरोह का संचालन करने वाले दो कुख्यात अपराधियों राहुल दुबे और राहुल सिंह के विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। ये दोनों अपराधी गैंगस्टर प्रिंस खान की तर्ज पर विदेश में रहकर अपने-अपने गिरोह को चला रहे हैं। रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अब ये अपराधी जिस किसी भी देश में मौजूद होंगे, वहां की पुलिस के माध्यम से उनकी गिरफ्तारी संभव हो सकेगी। झारखंड पुलिस ने इस पूरी प्रक्रिया की अधिकारिक पुष्टि करते हुए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर सतर्कता बढ़ा दी है, ताकि इन अपराधियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
पुलिस की अनुसंधान टीम को गिरोह के पूर्व में गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों की जांच के दौरान महत्वपूर्ण सबूत हासिल हुए हैं। जांच में यह बात उजागर हुई है कि विदेश में छिपे दोनों अपराधी अंतरराष्ट्रीय फोन नंबरों और इंटरनेट आधारित संपर्क नंबरों के माध्यम से भारत में सक्रिय अपने गुर्गों से निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं।
विदेश से रंगदारी और गोलीबारी की साजिशें
विदेश से गिरोह चला रहे राहुल सिंह और राहुल दुबे के निशाने पर मुख्य रूप से कोयला कारोबारी, राज्य के बड़े व्यवसायी, ठेकेदार और कंस्ट्रक्शन कार्यों से जुड़ी कंपनियां हैं। गिरोह के गुर्गे इन सभी कारोबारियों से लगातार मोटी रंगदारी मांगते हैं। रंगदारी की रकम न देने पर क्षेत्र में दहशत कायम करने के लिए अपराधियों के शूटर खुलेआम गोलीबारी करते हैं। हाल के दिनों में गिरोह के शूटर रंगदारी वसूलने से लेकर गोलीबारी करने की घटनाओं में काफी सक्रिय पाए गए हैं।
विज्ञापन
झारखंड पुलिस ने दोनों ही अपराधियों की पूरी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा जुटाई गई पुख्ता जानकारी और उनके विदेश में छिपे होने की पुष्टि होने के बाद ही झारखंड पुलिस ने सीबीआइ से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था।
ये भी पढ़ें- झारखंड: सरकार ने ग्रामीणों के पानी के लिए बनवाई 12.75 करोड़ की टंकी, आरोप- एनटीपीसी ने डायनामाइट से उड़ा दिया
अमन साहू के बाद संभाली गिरोह की कमान
आपराधिक गिरोह का सरगना राहुल सिंह पहले कुख्यात अपराधी अमन साहू के गिरोह में बतौर मुख्य शूटर काम करता था। पलामू में मार्च 2025 के दौरान हुई एक भीषण पुलिस मुठभेड़ में अमन साहू के मारे जाने के बाद राहुल सिंह ने पूरे गिरोह की कमान अपने हाथों में ले ली थी। अमन साहू के मुठभेड़ में ढेर होने के बाद उसने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर सनसनी फैलाई थी और खुद को गिरोह का नया सरगना घोषित किया था।
गुर्गों के जरिए दहशत फैलाने की कोशिश
अमन साहू के मारे जाने के बाद राहुल सिंह ने अपने गुर्गों के माध्यम से रांची, रामगढ़, पलामू, बोकारो, चतरा, हजारीबाग और लातेहार जिलों में दहशत फैलाने की लगातार कोशिश की है। वह राज्य में चल रहे विकास संबंधित कार्यों और आर्थिक गतिविधियों को बुरी तरह बाधित करने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, झारखंड पुलिस की ओर से की जा रही लगातार प्रभावी कार्रवाई ने इस गिरोह को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। केवल विदेश में रहने के कारण ही राहुल सिंह फिलहाल गिरफ्तारी से बचा हुआ है।
हजारीबाग के होटल में गोलीबारी की घटना
इसी प्रकार दूसरे अपराधी राहुल दुबे के गिरोह ने भी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर खौफ फैलाने का काम किया है। गिरोह के शूटरों ने 29 अक्तूबर की रात हजारीबाग के मटवारी क्षेत्र में स्थित एके इंटरनेशनल होटल में ताबड़तोड़ फायरिंग कर भारी दहशत फैलाई थी। इस घटना के दौरान गिरोह के अपराधियों ने एके इंटरनेशनल होटल के संचालक को जान से मारने की सीधी धमकी भी दी थी।
इस वारदात के बाद अपराधियों ने दहशत बढ़ाने के लिए इंटरनेट मीडिया का सहारा लिया था। राहुल दुबे के नाम से इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर वारदात की जिम्मेदारी ली गई थी और अन्य कारोबारियों को भी अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी। इस सनसनीखेज घटना के बाद झारखंड पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरोह के पांच शूटरों और उन्हें हथियार आपूर्तिकर्ता जियाउल हबीब को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
पुलिस की अनुसंधान टीम को गिरोह के पूर्व में गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों की जांच के दौरान महत्वपूर्ण सबूत हासिल हुए हैं। जांच में यह बात उजागर हुई है कि विदेश में छिपे दोनों अपराधी अंतरराष्ट्रीय फोन नंबरों और इंटरनेट आधारित संपर्क नंबरों के माध्यम से भारत में सक्रिय अपने गुर्गों से निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं।
विज्ञापन
विदेश से रंगदारी और गोलीबारी की साजिशें
विदेश से गिरोह चला रहे राहुल सिंह और राहुल दुबे के निशाने पर मुख्य रूप से कोयला कारोबारी, राज्य के बड़े व्यवसायी, ठेकेदार और कंस्ट्रक्शन कार्यों से जुड़ी कंपनियां हैं। गिरोह के गुर्गे इन सभी कारोबारियों से लगातार मोटी रंगदारी मांगते हैं। रंगदारी की रकम न देने पर क्षेत्र में दहशत कायम करने के लिए अपराधियों के शूटर खुलेआम गोलीबारी करते हैं। हाल के दिनों में गिरोह के शूटर रंगदारी वसूलने से लेकर गोलीबारी करने की घटनाओं में काफी सक्रिय पाए गए हैं।
विज्ञापन
झारखंड पुलिस ने दोनों ही अपराधियों की पूरी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा जुटाई गई पुख्ता जानकारी और उनके विदेश में छिपे होने की पुष्टि होने के बाद ही झारखंड पुलिस ने सीबीआइ से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था।
ये भी पढ़ें- झारखंड: सरकार ने ग्रामीणों के पानी के लिए बनवाई 12.75 करोड़ की टंकी, आरोप- एनटीपीसी ने डायनामाइट से उड़ा दिया
अमन साहू के बाद संभाली गिरोह की कमान
आपराधिक गिरोह का सरगना राहुल सिंह पहले कुख्यात अपराधी अमन साहू के गिरोह में बतौर मुख्य शूटर काम करता था। पलामू में मार्च 2025 के दौरान हुई एक भीषण पुलिस मुठभेड़ में अमन साहू के मारे जाने के बाद राहुल सिंह ने पूरे गिरोह की कमान अपने हाथों में ले ली थी। अमन साहू के मुठभेड़ में ढेर होने के बाद उसने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर सनसनी फैलाई थी और खुद को गिरोह का नया सरगना घोषित किया था।
गुर्गों के जरिए दहशत फैलाने की कोशिश
अमन साहू के मारे जाने के बाद राहुल सिंह ने अपने गुर्गों के माध्यम से रांची, रामगढ़, पलामू, बोकारो, चतरा, हजारीबाग और लातेहार जिलों में दहशत फैलाने की लगातार कोशिश की है। वह राज्य में चल रहे विकास संबंधित कार्यों और आर्थिक गतिविधियों को बुरी तरह बाधित करने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, झारखंड पुलिस की ओर से की जा रही लगातार प्रभावी कार्रवाई ने इस गिरोह को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। केवल विदेश में रहने के कारण ही राहुल सिंह फिलहाल गिरफ्तारी से बचा हुआ है।
हजारीबाग के होटल में गोलीबारी की घटना
इसी प्रकार दूसरे अपराधी राहुल दुबे के गिरोह ने भी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर खौफ फैलाने का काम किया है। गिरोह के शूटरों ने 29 अक्तूबर की रात हजारीबाग के मटवारी क्षेत्र में स्थित एके इंटरनेशनल होटल में ताबड़तोड़ फायरिंग कर भारी दहशत फैलाई थी। इस घटना के दौरान गिरोह के अपराधियों ने एके इंटरनेशनल होटल के संचालक को जान से मारने की सीधी धमकी भी दी थी।
इस वारदात के बाद अपराधियों ने दहशत बढ़ाने के लिए इंटरनेट मीडिया का सहारा लिया था। राहुल दुबे के नाम से इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर वारदात की जिम्मेदारी ली गई थी और अन्य कारोबारियों को भी अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी। इस सनसनीखेज घटना के बाद झारखंड पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरोह के पांच शूटरों और उन्हें हथियार आपूर्तिकर्ता जियाउल हबीब को गिरफ्तार कर लिया।