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Naxal Revival Case: NIA ने नक्सलवाद पुनरुद्धार मामले में दायर किया पहला आरोपपत्र, पांच आरोपियों के नाम शामिल
Thu, 08 Feb 2024 12:58 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: गुलाम अहमद
Updated Thu, 08 Feb 2024 12:58 AM IST
सार
एनआईए की जांच के अनुसार, आरोपियों ने अपने उद्देश्यों को हासिल करने के लिए जेल में बंद सीपीआई (माओवादी) कैडरों और ओवरग्राउंड कार्यकर्ताओं के साथ भी संपर्क किया था।
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NIA
- फोटो : ANI
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विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने विभिन्न राज्यों में नक्सली पुनरुद्धार मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ अपना पहला आरोपपत्र दायर किया है। एजेंसी ने बुधवार को कहा कि नक्सली भारत के विभिन्न राज्यों में अपनी आतंकी योजनाओं और एजेंडे को फिर से सक्रिय करेंगे। आरोप पत्र सोमवार को झारखंड के रांची स्थित एनआईए विशेष अदालत के समक्ष दायर किया गया।
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यह मामला झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में प्रतिबंधित संगठन की हिंसक विचारधारा का विस्तार, पुनर्जीवित और प्रचार करने के लिए प्रतिबंधित संगठन की ओर से आपराधिक साजिश से संबंधित है। सीपीआई (माओवादी) के शीर्ष नेताओं के साथ, पांचों आरोपी सक्रिय रूप से कैडरों की भर्ती, आतंकवादी कृत्यों के लिए धन जुटाने, हथियारों और गोला-बारूद की खरीद के साथ-साथ हथियारों को संभालने, प्रशिक्षण प्रदान करने में सक्रिय रूप से लगे हुए थे।
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एनआईए की जांच के अनुसार, आरोपियों ने अपने उद्देश्यों को हासिल करने के लिए जेल में बंद सीपीआई (माओवादी) कैडरों और ओवरग्राउंड कार्यकर्ताओं के साथ भी संपर्क किया था। पांचों आरोपियों के नाम- प्रशांत बोस उर्फ किशन दा, उर्फ निर्भय, महेश उर्फ किशनजी (पोलित ब्यूरो सदस्य), नूनचंद महतो उर्फ मुखिया जी, दुर्योधन प्रसाद महतो और कृष्णा हासदा। इनके खिलाफ कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।
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