फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Jharkhand HC asks Centre if CAA can be used for steps against illegal B'deshi immigrants

Jharkhand: क्या अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ CAA के तहत कार्रवाई हो सकती है? अदालत ने केंद्र से पूछा

Tue, 09 Apr 2024 10:30 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 09 Apr 2024 10:30 PM IST
सार

Jharkhand: झारखंड उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से पूछा कि वह बताए कि क्या राज्य के संथाल परगना क्षेत्र में रह रहे बांग्लादेश के अवैध प्रवासियों के खिलाफ संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

विज्ञापन
Jharkhand HC asks Centre if CAA can be used for steps against illegal B'deshi immigrants
झारखंड हाई कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

झारखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र सरकार से पूछा कि वह बताए कि क्या राज्य के संथाल परगना क्षेत्र में रह रहे बांग्लादेश के अवैध प्रवासियों के खिलाफ संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के तहत कार्रवाई की जा सकती है। अदालत एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें राज्य में अवैध प्रवेश करने वाले बांग्लादेशियों के खिलाफ सीएए के तहत कार्रवाई के लिए केंद्र को निर्देश देने की मांग की गई थी। 

विज्ञापन


सीएए को हाल ही में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के उन गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता देने के लिए लागू किया गया है, जो 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए थे। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति अरुण कुमार राय की खंडपीठ डेनियल दानिश नामक व्यक्ति द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। दानिश ने पड़ोसी देश से राज्य में लोगों में लोगों की घुसपैठ का मुद्दा उठाया था।  
विज्ञापन


याचिकाकर्ता ने दावा किया कि अवैध प्रवासी सीमाओं के जरिए राज्य में आए और संथाल परगना क्षेत्र के साहिबगंज, पाकुड़, गोड्डा, जामताड़ा और दुमका जिलों में रह रहे हैं। दानिश ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि ये प्रवासी पांच जिलों में मदरसे और बस्तियां बना रहे हैं और स्थानीय आदिवासी आबादी के अस्तित्व को प्रभावित कर रहे हैं। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि सीएए के तहत मामले में कार्रवाई के लिए राज्य सरकार नहीं, बल्कि केंद्र सरकार को अधिकार है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

  
इसके बाद पीठ ने केंद्र के वकील प्रशांत पल्लव को निर्देश दिया कि वह इस मामले में निर्देश प्राप्त करें और केंद्र का रुख स्पष्ट करने के लिए एक हलफनामा दाखिल करें। मामले में अगली सुनवाई 3 मई को होगी। इससे पहले उच्च न्यायालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को यह बताने का निर्देश दिया था कि पड़ोसी देशों के अवैध प्रवासी भारत में कैसे प्रवेश कर रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed