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Jharkhand Polls: कौन हैं अलका तिवारी? जो चुनाव से ऐन पहले बनी झारखंड की मुख्य सचिव, जानें उनके बारे में सबकुछ

Sat, 02 Nov 2024 01:13 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची/नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची/नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sat, 02 Nov 2024 01:13 AM IST
सार

Jharkhand Vidhan Sabha Chunav 2024: झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने राज्य सरकार का प्रस्ताव कर लिया है और अलका तिवारी को मुख्य सचिव नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। वहीं, राज्य सरकार ने भी बिना किसी देरी के अधिसूचना जारी कर तिवारी को मुख्य सचिव नियुक्त करने की घोषणा कर दी है। 

 

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jharkhand election 2024: Alka Tiwari became Jharkhand Chief Secretary EC accepted proposal of state governmen
झारखण्ड विधानसभा चुनाव 2024: आईएएस अधिकारी अलका तिवारी - फोटो : एक्स

विस्तार

झारखंड के मुख्य सचिव के रूप में अलका तिवारी को नियुक्त करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को चुनाव आयोग ने शुक्रवार को स्वीकार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक इससे पहले, चुनाव आयोग ने पूर्व मुख्य सचिव लालबियाक्तलुआंगा खियांग्ते के कार्यकाल को पांच महीने के विस्तार के प्रस्ताव पर भी सहमति जताई थी। इस बीच, राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर तिवारी को मुख्य सचिव नियुक्त करने की घोषणा की। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग की एक अधिसूचना के अनुसार, नियुक्ति के प्रस्ताव को भारत के चुनाव आयोग द्वारा मंजूरी दी गई है।

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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'खियांग्ते झारखंड सरकार के मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हो गए हैं। राज्य की सेवा करने के लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। आपके सुखद भविष्य की कामना करता हूं।'
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1988 बैच की आईएएस अधिकारी 
अलका तिवारी 1988 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में झारखंड कैडर में सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। उनके पति डॉ. डी के तिवारी, जो झारखंड के मुख्य सचिव के रूप में सेवानिवृत्त हुए, वर्तमान में राज्य निर्वाचन आयुक्त के संवैधानिक पद पर हैं। 
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मेरठ विश्वविद्यालय की रह चुकीं गोल्ड मेडलिस्ट
अलका तिवारी ने मेरठ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर किया। इस दौरान उन्होंने 'विकास परियोजनाओं का प्रबंधन और कार्यान्वयन' पाठ्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसके लिए राज्यपाल द्वारा उन्हें स्वर्ण पदक से नवाजा गया। इसके अलावा, वह रांची विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक भी हैं।

इन विषयों पर पूरा किया अल्पकालिक पाठ्यक्रम
अलका तिवारी ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय, यूएसए से 'वित्तीय समावेशन पर पुनर्विचार' और ड्यूक विश्वविद्यालय, यूएसए से 'वित्तीय सलाहकारों के लिए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन' जैसे विषयों पर शॉर्ट टर्म (अल्पकालिक पाठ्यक्रम) भी पूरा किया है। 

इन विभागों में विभिन्न पदों पर कार्य करने का अनुभव
अलका तिवारी के पास विभिन्न पदों पर कार्य करने का अनुभव है, जिनमें झारखंड के गुमला और लोहारदागा जिलों के उपायुक्त, वाणिज्यिक कर और वन एवं पर्यावरण विभागों में सचिव, नीति आयोग में सलाहकार, उर्वरक विभाग में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव, और उर्वरक, रसायन और फार्मास्यूटिकल्स विभागों में अतिरिक्त सचिव-सह-वित्तीय सलाहकार शामिल हैं।


नीति आयोग में रहते महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रबंधन किया
नीति आयोग में अपने कार्यकाल के दौरान, तिवारी ने वित्तीय संसाधन, शिक्षा और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रबंधन किया। उन्होंने भारत के उच्च शिक्षा नियामक ढांचे में सुधारों के लिए रणनीति दस्तावेज विकसित करने और विश्व स्तरीय शिक्षण और अनुसंधान संस्थानों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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