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Jharkhand: सीएम सोरेन ने साझा किया कैदी का निशान, बोले- यह लोकतंत्र की वर्तमान चुनौतियों का प्रतीक
Sat, 10 Aug 2024 12:52 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 10 Aug 2024 12:52 PM IST
सार
हेमंत सोरेन ने लिखा कि एक चुने हुए मुख्यमंत्री को बिना सबूतों, शिकायत के जेल में डाला गया। सोरेन ने आरोप लगाया कि जब मेरे साथ ऐसा हो सकता है तो आम आदिवासी, दलितों के साथ क्या हो सकता है, ये कहने की जरूरत नहीं है।
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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में हेमंत सोरेन अपने हाथ पर लगे कैदी निशान को साझा किया है और इस निशान को लोकतंत्र की मौजूदा चुनौतियों का प्रतीक बताया है। यह निशान हेमंत सोरेन के जेल से बाहर आने के बाद उनके हाथ पर जेल प्रशासन द्वारा लगाया गया था।
हेमंत सोरेन ने लिखा- चुने हुए सीएम को बिना सबूतों के जेल में डाला गया
अपने पोस्ट में हेमंत सोरेन ने लिखा कि 'आज मेरे जन्मदिन के अवसर पर बीते एक साल की यादें मेरे दिल में मौजूद हैं और वो हैं यह कैदी का निशान, जो जेल से रिहा होते वक्त मुझे लगाया गया था। यह निशान केवल मेरा नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र की वर्तमान चुनौतियों का प्रतीक है।' हेमंत सोरेन ने लिखा कि एक चुने हुए मुख्यमंत्री को बिना सबूतों, शिकायत के जेल में डाला गया। सोरेन ने आरोप लगाया कि जब मेरे साथ ऐसा हो सकता है तो आम आदिवासी, दलितों के साथ क्या हो सकता है, ये कहने की जरूरत नहीं है।
पांच महीने जेल में रहने के बाद रिहा हुए थे सीएम सोरेन
उल्लेखनीय है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमीन घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था। हेमंत सोरेन करीब पांच महीने जेल में रहे और हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद बीते जून में ही वह जेल से बाहर आए। हेमंत सोरेन ने अपने पोस्ट में दलितों, शोषित और पिछड़ों के अधिकारों के लिए लड़ने के लिए संकल्पित होने की बात कही। सीएम ने लिखा कि 'मैं हर उस व्यक्ति/समुदाय की आवाज उठाऊंगा, जिसे दबाया गया है, जिसे न्याय से वंचित रखा गया है। जिसे उसके रंग, समुदाय, खान-पान, पहनावे के आधार पर सताया जा रहा है। हमें एकजुट होकर एक ऐसे समाज का निर्माण करना है, जहां कानून सभी के लिए समान हो और जहां सत्ता का दुरुपयोग न हो।'
मुख्यमंत्री ने लिखा कि 'यह रास्ता आसान नहीं होगा। हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। लेकिन मुझे विश्वास है कि हम मिलकर इन चुनौतियों को पार कर सकते हैं, क्योंकि हमारे देश की एकता, विविधता में ही हमारी शक्ति है।'
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हेमंत सोरेन ने लिखा- चुने हुए सीएम को बिना सबूतों के जेल में डाला गया
अपने पोस्ट में हेमंत सोरेन ने लिखा कि 'आज मेरे जन्मदिन के अवसर पर बीते एक साल की यादें मेरे दिल में मौजूद हैं और वो हैं यह कैदी का निशान, जो जेल से रिहा होते वक्त मुझे लगाया गया था। यह निशान केवल मेरा नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र की वर्तमान चुनौतियों का प्रतीक है।' हेमंत सोरेन ने लिखा कि एक चुने हुए मुख्यमंत्री को बिना सबूतों, शिकायत के जेल में डाला गया। सोरेन ने आरोप लगाया कि जब मेरे साथ ऐसा हो सकता है तो आम आदिवासी, दलितों के साथ क्या हो सकता है, ये कहने की जरूरत नहीं है।
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आज अपने जन्मदिन के मौक़े पर बीते एक साल की स्मृति मेरे मन में अंकित है - वह है यह कैदी का निशान - जो जेल से रिहा होते वक्त मुझे लगाया गया। यह निशान केवल मेरा नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र की वर्तमान चुनौतियों का प्रतीक है।
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जब एक चुने हुए मुख्यमंत्री को बिना किसी सबूत, बिना कोई… pic.twitter.com/TsKovjS1HY — Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 10, 2024
पांच महीने जेल में रहने के बाद रिहा हुए थे सीएम सोरेन
उल्लेखनीय है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमीन घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था। हेमंत सोरेन करीब पांच महीने जेल में रहे और हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद बीते जून में ही वह जेल से बाहर आए। हेमंत सोरेन ने अपने पोस्ट में दलितों, शोषित और पिछड़ों के अधिकारों के लिए लड़ने के लिए संकल्पित होने की बात कही। सीएम ने लिखा कि 'मैं हर उस व्यक्ति/समुदाय की आवाज उठाऊंगा, जिसे दबाया गया है, जिसे न्याय से वंचित रखा गया है। जिसे उसके रंग, समुदाय, खान-पान, पहनावे के आधार पर सताया जा रहा है। हमें एकजुट होकर एक ऐसे समाज का निर्माण करना है, जहां कानून सभी के लिए समान हो और जहां सत्ता का दुरुपयोग न हो।'
मुख्यमंत्री ने लिखा कि 'यह रास्ता आसान नहीं होगा। हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। लेकिन मुझे विश्वास है कि हम मिलकर इन चुनौतियों को पार कर सकते हैं, क्योंकि हमारे देश की एकता, विविधता में ही हमारी शक्ति है।'