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Jharkhand Assembly: भाजपा विधायकों के वॉकआउट के बीच चार विधेयक पास, राज्य में बनेगा पहला आदिवासी विश्वविद्यालय

Wed, 03 Aug 2022 10:43 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 03 Aug 2022 10:43 PM IST
सार

राज्य के उच्च शिक्षा और तकनीकी मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविधेयक 2022 को पेश किया जिसे पारित कर दिया गया। इस विधेयक को पहले झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने विसंगतियों और हिंदी-अंग्रेजी संस्करणों के बीच बेमेल होने पर सुधार के लिए वापस कर दिया था। 

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harkhand Assembly passes Tribal University Bill three other bills
Jharkhand Legislative Assembly - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

झारखंड विधानसभा में बुधवार को भाजपा विधायकों के वॉकआउट के बीच चार विधेयक पारित किए गए। इनमें एक विधेयक आदिवासी विश्वविद्यालय को स्थापित करने को लेकर है। वहीं भाजपा विधायकों ने अपनी पार्टी के चार विधायकों के निलंबन के खिलाफ वॉकआउट किया। 
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राज्य के उच्च शिक्षा और तकनीकी मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविधेयक 2022 को पेश किया जिसे पारित कर दिया गया। 

इस विधेयक को पहले झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने विसंगतियों और हिंदी-अंग्रेजी संस्करणों के बीच बेमेल होने पर सुधार के लिए वापस कर दिया था। 
 
आजसू पार्टी के विधायक लम्बोदर महतो ने पहले विदेयक को एक प्रवर समिति को भेजने की मांग की।  

हालांकि ठाकुर ने कहा कहा कि राज्य में गरीबों और आदिवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए विधेयक तैयार किया गया है और पूरी समीक्षा के बाद इसे पेश किया गया है। 
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सदन ने झारखंड राज्य विश्वविद्याल (संशोधन) 2022 भी पारित किया। ठाकुर ने कहा कि इससे राज्य के 3064 प्रोफेसरों और व्याख्याताओं की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त होगा। 
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इसके अलावा दो और विधेयक- झारखंड कराधान अधिनियम विधेयक, 2022 के बकाया का संकल्प और झारखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक2022 सदन द्वारा पारित किए गए। विधेयकों को वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने पेश किया। 
 
सांसदों के सुझाव पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि झारखंड कराधान अधिनियम 2022 को एक चयन समिति द्वारा जांच के लिए भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पारित होने से राज्य सरकार को 500 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा जो लंबे समय से बकाया है।  

 
उन्होंने कहा कि इस समय राज्य का 3690 करोड़ रुपये बकाया के रूप में फंसा हुआ है। विभाग ने वन टाइम सेटलमेंट पर विचार किया है और इसी उद्देश्य से यह बिल लाए गए हैं।  
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