झारखंड: गिरिडीह यूको बैंक डकैती: पांच संदिग्ध गिरफ्तार, पांच करोड़ के जेवर और नकदी अब भी गायब
गिरिडीह के धनवार गांधी चौक स्थित यूको बैंक में करोड़ों रुपये की डकैती के मामले में पुलिस ने पांच संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, करीब पांच करोड़ रुपये के सोने के आभूषण और 11.50 लाख रुपये नकद अब तक बरामद नहीं हुए हैं।
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खोरीमहुआ के धनवार गांधी चौक पर स्थित यूको बैंक की शाखा में हुई करोड़ों रुपये की डकैती के मामले में पुलिस ने पांच संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ के दौरान पुलिस को डकैती की साजिश, गिरोह के अन्य सदस्यों और वारदात से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
हालांकि, बैंक से लूटे गए लगभग पांच करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण और 11.50 लाख रुपये नकद की बरामदगी अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस की कई विशेष टीमें लूटे गए कीमती सामान की बरामदगी और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए झारखंड तथा बिहार के विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
ग्रामीणों के सहयोग से पकड़ा गया संदिग्ध
प्रारंभिक छानबीन के दौरान इस संगीन वारदात में कुल सात अपराधियों के शामिल होने की बात सामने आई है। बैंक परिसर के भीतर पांच हथियारबंद अपराधी घुसे थे, जबकि दो अन्य अपराधी बाहर वाहन में रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। डकैती को अंजाम देने के बाद लूटे गए सोने के जेवरात और नकदी लेकर फरार हुए दोनों अपराधियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। वारदात के बाद भाग रहे अपराधियों में से एक संदिग्ध को गुरुवार शाम जमुआ थाना क्षेत्र की धरमपुर पंचायत के वंशीडीह गांव के पास ग्रामीणों की सतर्कता से पकड़ लिया गया।
ग्रामीणों की मदद से पकड़े गए इस आरोपी से मिली सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी और चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में बेंगाबाद थाना क्षेत्र के दो, देवघर का एक तथा बिहार के जमुई जिले का एक आरोपी शामिल है।
बिहार के चकाई में लावारिस बाइक बरामद
सघन जांच अभियान के दौरान पुलिस को बिहार के जमुई जिले के चकाई थाना क्षेत्र के बटपार गांव के समीप एक लावारिस मोटरसाइकिल मिली है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस वाहन को जब्त कर लिया है। आशंका जताई जा रही है कि इस मोटरसाइकिल का इस्तेमाल अपराधियों ने बैंक डकैती को अंजाम देने में किया था।
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि डकैती की पूरी योजना बेंगाबाद के चपुआडीह क्षेत्र में तैयार की गई थी। इसके साथ ही पुलिस इस पहलू की भी गहनता से जांच कर रही है कि अपराधियों ने बैंक की रेकी कब और किस प्रकार की थी। बैंक की दैनिक गतिविधियों, सुरक्षा व्यवस्था और वहां रखे सोने के जेवरात की सटीक जानकारी अपराधियों तक कैसे पहुंची, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। इस मामले में किसी स्थानीय व्यक्ति की संलिप्तता की आशंका को भी खारिज नहीं किया जा रहा है।
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छह विशेष टीमों की लगातार छापेमारी जारी
हजारीबाग प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक अंजनी कुमार झा और गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। दोनों वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जमुआ थाना परिसर में कैंप कर जांच टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और लूटे गए जेवरात व नकद राशि की जल्द बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए छह विशेष टीमों का गठन किया है। गिरफ्तार पांचों आरोपियों से जमुआ थाने में गहन पूछताछ की जा रही है। खोरीमहुआ के अनुमंडल पुलिस अधिकारी अमरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले का शीघ्र खुलासा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच की दिशा पूरी तरह तय हो चुकी है और पुलिस की टीमें झारखंड व बिहार के अनेक स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।