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Jharkhand: हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका वापस ली, बजट सत्र में शामिल होने की मांगी थी अनुमति
Mon, 01 Apr 2024 02:06 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 01 Apr 2024 02:06 PM IST
सार
हेमंत सोरेन की याचिका जब जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस केवी विश्वानाथन की पीठ के पास सुनवाई के लिए आई तो सोरेन की तरफ से वकील कपिल सिब्बल अदालत में पेश हुए। कपिल सिब्बल ने कहा उन्हें (सोरेन) अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दी जाए, क्योंकि बजट सत्र दो मार्च को समाप्त हो गया।
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हेमंत सोरेन
- फोटो : Social Media
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विस्तार
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने विधनसभा में बजट सत्र में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट ने उन्हें बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद उन्होंने अदालत के इस फैसले को चुनौती थी। हालांकि, अब सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट से हाई कोर्ट को चुनौती देने वाली याचिका वापस ले ली है।
सुप्रीम कोर्ट ने दी याचिका वापस लेने की अनुमति
हेमंत सोरेन ने हाई कोर्ट में 23 फरवरी से दो मार्च तक के बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति मांगी थी। 28 फरवरी को हाईकोर्ट ने सोरेन की याचिका खारिज कर दी थी। सोमवार को जब उनकी याचिका जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस केवी विश्वानाथन की पीठ के पास सुनवाई के लिए आई तो सोरेन की तरफ से वकील कपिल सिब्बल अदालत में पेश हुए। कपिल सिब्बल ने कहा उन्हें (सोरेन) अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दी जाए, क्योंकि बजट सत्र दो मार्च को समाप्त हो गया।
सिब्बल ने कहा, "मैं इसे वापस लेना चाहता हूं। अदालत में उठाए गए कानून के सवाल को खुला रखा जा सकता है।" सुप्रीम कोर्ट ने याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। उन्होंने कहा कि कानून के सवाल को खुला छोड़ दिया गया है।
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जनवरी में हुई थी गिरफ्तारी
झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को प्रर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। फिलहाल उन्हें न्यायिक हिरासत में रख गया है। रांची की एक विशेष अदालत ने 22 फरवरी को सोरेन को विधानसभा सत्र में भाग लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, इससे पहले पांच फरवरी को हाई कोर्ट ने सोरेन को विधानसभा में विश्वास मत में भाग लेने की अनुमति दी थी। सोरेन के खिलाफ धन शोधन के आरोप अवैध रूप से अचल संपत्ति रखने और भूमि माफिया से कथित संबंध रखने से जुड़े हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने दी याचिका वापस लेने की अनुमति
हेमंत सोरेन ने हाई कोर्ट में 23 फरवरी से दो मार्च तक के बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति मांगी थी। 28 फरवरी को हाईकोर्ट ने सोरेन की याचिका खारिज कर दी थी। सोमवार को जब उनकी याचिका जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस केवी विश्वानाथन की पीठ के पास सुनवाई के लिए आई तो सोरेन की तरफ से वकील कपिल सिब्बल अदालत में पेश हुए। कपिल सिब्बल ने कहा उन्हें (सोरेन) अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दी जाए, क्योंकि बजट सत्र दो मार्च को समाप्त हो गया।
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सिब्बल ने कहा, "मैं इसे वापस लेना चाहता हूं। अदालत में उठाए गए कानून के सवाल को खुला रखा जा सकता है।" सुप्रीम कोर्ट ने याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। उन्होंने कहा कि कानून के सवाल को खुला छोड़ दिया गया है।
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जनवरी में हुई थी गिरफ्तारी
झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को प्रर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। फिलहाल उन्हें न्यायिक हिरासत में रख गया है। रांची की एक विशेष अदालत ने 22 फरवरी को सोरेन को विधानसभा सत्र में भाग लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, इससे पहले पांच फरवरी को हाई कोर्ट ने सोरेन को विधानसभा में विश्वास मत में भाग लेने की अनुमति दी थी। सोरेन के खिलाफ धन शोधन के आरोप अवैध रूप से अचल संपत्ति रखने और भूमि माफिया से कथित संबंध रखने से जुड़े हैं।