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सोशल मीडिया पर भी गुमराह हो रहे कश्मीर घाटी के युवा
amarujala.com- Presented by: आशुतोष तिवारी
Updated Wed, 26 Apr 2017 07:01 PM IST
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कश्मीर घाटी में पत्थरबाज सेना के लिए मुश्किलें पैदा कर ही रहे हैं, साथ ही सोशल मीडिया पर भी अनर्गल प्रचार कर युवाओं को गुमराह किया जा रहा है।
शांति की चाह रखने वाली अवाम के लिए ये परेशानी का सबब बने हुए हैं। तथाकथित ‘आजादी’ के नाम पर उनकी पत्थरबाजी सोशल साइटों पर खूब चल रही है। ‘स्टोन पेल्टर’ और ‘संगबाज’ जैसे नामों से सैकड़ों प्रोफाइल बनाकर ऐसे लोग अपने लिए समर्थन जुटाने का काम कर रहे हैं। प्रोफाइल पिक में भी पत्थरबाजी की ही फोटो अपलोड हैं। इनका संदेश बस लड़ाई है।
फर्जी प्रोफाइल भी सैकड़ों की संख्या में बनी हैं। कुछ तो बाकायदा ‘कश्मीरी स्टोन पेल्टर’ के नाम पर हैं। सोशल मीडिया की संवेदनशीलता को देखते हुए घाटी में भले ही इंटरनेट ठप कर दिया गया हो, लेकिन इससे पत्थरबाज बाज नहीं आ रहे। वह दूसरी जगहों से अपने काम को अंजाम दे रहे हैं। इनमें कुछ की प्रोफाइल में बाकायदा पड़ोसी देश पाकिस्तान का झंडा लगा है और स्टेटस में हिंदुस्तानियों के लिए गलत शब्दों का प्रयोग बताता है कि प्रोफाइल सीमा पार से बनाई गई हैं।
खुद को बड़े गर्व से स्टोन पेल्टर बताते युवा कुछ साइटों पर उर्दू तो कुछ में हिंदी में संदेशों का प्रचार कर रहे हैं। यहां तक कि विदेश के नाम पर भी प्रोफाइल बनी हुई हैं। कश्मीर की आजादी के नाम से यह फर्जी प्रोफाइल युवाओं को जन्मभूमि के नाम पर भड़काने, उनसे संपर्क करने और जिहाद केनाम पर आगे आने केलिए भड़काने का काम कर रही हैं।
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शांति की चाह रखने वाली अवाम के लिए ये परेशानी का सबब बने हुए हैं। तथाकथित ‘आजादी’ के नाम पर उनकी पत्थरबाजी सोशल साइटों पर खूब चल रही है। ‘स्टोन पेल्टर’ और ‘संगबाज’ जैसे नामों से सैकड़ों प्रोफाइल बनाकर ऐसे लोग अपने लिए समर्थन जुटाने का काम कर रहे हैं। प्रोफाइल पिक में भी पत्थरबाजी की ही फोटो अपलोड हैं। इनका संदेश बस लड़ाई है।
फर्जी प्रोफाइल भी सैकड़ों की संख्या में बनी हैं। कुछ तो बाकायदा ‘कश्मीरी स्टोन पेल्टर’ के नाम पर हैं। सोशल मीडिया की संवेदनशीलता को देखते हुए घाटी में भले ही इंटरनेट ठप कर दिया गया हो, लेकिन इससे पत्थरबाज बाज नहीं आ रहे। वह दूसरी जगहों से अपने काम को अंजाम दे रहे हैं। इनमें कुछ की प्रोफाइल में बाकायदा पड़ोसी देश पाकिस्तान का झंडा लगा है और स्टेटस में हिंदुस्तानियों के लिए गलत शब्दों का प्रयोग बताता है कि प्रोफाइल सीमा पार से बनाई गई हैं।
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खुद को बड़े गर्व से स्टोन पेल्टर बताते युवा कुछ साइटों पर उर्दू तो कुछ में हिंदी में संदेशों का प्रचार कर रहे हैं। यहां तक कि विदेश के नाम पर भी प्रोफाइल बनी हुई हैं। कश्मीर की आजादी के नाम से यह फर्जी प्रोफाइल युवाओं को जन्मभूमि के नाम पर भड़काने, उनसे संपर्क करने और जिहाद केनाम पर आगे आने केलिए भड़काने का काम कर रही हैं।
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