अगर ये कॉलोनी बनी तो कश्मीर इजरायल बन जाएगा
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केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर सरकार से कश्मीरी पंडितों के लिए अलग से टाउनशिप बसाने वाली योजना पर बवाल शुरु हो गया है। इस योजना को लेकर राज्य सरकार को जम्मू-कश्मीर में कई दलों और अलगाववादियों से जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
अलगाववादी नेता यासीन मलिक ने कहा कि धर्म के आधार पर एक अलग कॉलोनी बनाने से केवल नफरत की दीवार खड़ी होगी जैसा कि इजरायल में हुआ है। नेशनल कांफ्रेंस ने कहा है कि सरकार का यह कदम देश और राज्य की संप्रभुता के लिए खतरा होगा।
आपको बताते चलें कि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की मंगलवार को नई दिल्ली में हुई बैठक में इस पर चर्चा हुई थी।
मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने केंद्रीय गृह मंत्री को आश्वासन दिया था कि राज्य सरकार घाटी में कश्मीरी पंडितों के टाउनशिप के लिए जल्द से जल्द ज़मीन का अधिग्रहण कर उसे उपलब्ध कराएगी।
पीडीपी और आरएएस लगा रही है आग
अलगाववादी नेता यासीन मलिक का कहना है कि कश्मीर घाटी में हजारों कश्मीरी पंडित यहां खुशी से रह रहे हैं। पीडीपी और आरएएस उनके लिए अलग कॉलोनी बनाने की बात कहकर कौन सी आग लगाने जा रहे हैं। मलिक ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
हालांकि, पीडीपी नेता नदीम अख्तर ने इस योजना का बचाव किया है और कहा कि सरकार कश्मीरी पंडितों को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो हमारे जीवन का अहम हिस्सा हैं।
नेशनल कांफ्रेंस के नेता अली मोहम्मद सागर ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राज्य सरकार का यह कदम देश के लिए घातक होगा।