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Jammu Kashmir: आतंक के खिलाफ अब महिलाएं भी मोर्चे पर, वीडीजी को मिल रहा गुरिल्ला युद्ध प्रशिक्षण
Wed, 31 Dec 2025 02:00 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Wed, 31 Dec 2025 02:00 PM IST
सार
डोडा जिले में आतंकवाद से निपटने के लिए महिला ग्राम रक्षा गार्ड भी अब मोर्चा संभालेंगी और सेना उनके साथ गुरिल्ला युद्ध का विशेष प्रशिक्षण दे रही है। आधुनिक सेल्फ लोडिंग राइफलों से प्रशिक्षण मिलने से महिला वीडीजी का आत्मविश्वास बढ़ा है और गांवों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हुई है।
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सुरक्षाबल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आतंकवादियों से महिला ग्राम रक्षा गार्ड (वीडीजी) भी मोर्चा लेंगी। डोडा जिले में आतंकरोधी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सेना पुरुषों के साथ ही महिलाओं को भी गुरिल्ला युद्ध का विशेष प्रशिक्षण दे रही है। वे भी शांति व सुरक्षा के लिए पुरुषों के साथ आधुनिक सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर) से निशाना साधने का प्रशिक्षण ले रही हैं।
वीडीजी सदस्यों का कहना है कि गुरिल्ला युद्ध् और नए हथियारों के प्रशिक्षण से उनकी तैयारियां और मजबूत होंगी। इस पहल के तहत हे जिला के 14 दूरदराज गांवों के करीब 150 वीडीजी सदस्य प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण में उन्हें आधुनिक स्वचालित राइफलों के संचालन, स्क्वाॅयड पोस्ट ड्रिल और गुरिल्ला युद्ध की बुनियादी रणनीतियों की जानकारी दी जा रही है।
थ्री नॉट थ्री से नहीं, अब एसएलआर से करेंगे मुकाबला : राष्ट्रीय राइफल्स इकाई और जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) की ओर से गंदोह उप-मंडल के शिंगानी पंचायत क्षेत्र में यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह स्थान जिला मुख्यालय डोडा से लगभग 90 किलोमीटर दूर है। प्रशिक्षण का उद्देश्य वीडीजी सदस्यों को अपने गांवों की सुरक्षा के लिए एसएलआर से लैस करने के साथ ही ट्रेनिंग देनी है ताकि वे आतंकवादी खतरों से प्रभावी ढंग से निपट सकें। इससे पहले उनके पास केवल थ्री नाॅट थ्री सेल्फ लोडिंग राइफलें थीं।
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वीडीजी सदस्यों का कहना है कि गुरिल्ला युद्ध् और नए हथियारों के प्रशिक्षण से उनकी तैयारियां और मजबूत होंगी। इस पहल के तहत हे जिला के 14 दूरदराज गांवों के करीब 150 वीडीजी सदस्य प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण में उन्हें आधुनिक स्वचालित राइफलों के संचालन, स्क्वाॅयड पोस्ट ड्रिल और गुरिल्ला युद्ध की बुनियादी रणनीतियों की जानकारी दी जा रही है।
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थ्री नॉट थ्री से नहीं, अब एसएलआर से करेंगे मुकाबला : राष्ट्रीय राइफल्स इकाई और जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) की ओर से गंदोह उप-मंडल के शिंगानी पंचायत क्षेत्र में यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह स्थान जिला मुख्यालय डोडा से लगभग 90 किलोमीटर दूर है। प्रशिक्षण का उद्देश्य वीडीजी सदस्यों को अपने गांवों की सुरक्षा के लिए एसएलआर से लैस करने के साथ ही ट्रेनिंग देनी है ताकि वे आतंकवादी खतरों से प्रभावी ढंग से निपट सकें। इससे पहले उनके पास केवल थ्री नाॅट थ्री सेल्फ लोडिंग राइफलें थीं।
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