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पेयजल संकट पर बिफरीं महिलाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
Updated Sun, 11 Jan 2015 11:05 AM IST
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पेयजल संकट से परेशान खरोट और पल्ली गांव के लोगों का गुस्सा विभाग के खिलाफ भड़क गया। उन्होंने विभाग के कार्यालय का घेराव कर वहां जमकर हंगामा किया और समस्या का समाधान न करने पर विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
आंदोलन कर रहे लोगों के गुस्से को देखते हुए अधिकारियों ने स्वयं को कार्यालय के अंदर बंद कर लिया। इसके बाद लोगों का गुस्सा बढ़ गया और महिलाओं ने ताला तोड़ने के लिए पत्थर तक उठा लिए हालांकि वहां मौजूद कुछ लोगों ने स्थिति को संभाल लिया।
गांव पल्ली की विमला देवी, सुरेष्टा कुमारी, नीतू देवी ने कहा कि दो महीने से पल्ली गांव में मोटर जल जाने के कारण पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। वहीं खरोट गांव के रमेश कुमार ने कहा कि उनके गांव में भी दस दिन से पानी की समस्या के कारण हाहाकार मचा हुआ है।
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विभाग इन समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों ने विभाग को कई बार पानी की समस्या बताकर इसका समाधान करने के लिए कहा लेकिन विभाग ने समस्या को नजरअंदाज किया।
इसके कारण समस्या बढ़ती रही। क्षेत्र के आक्रोशित लोगों ने कहा कि अगर विभाग ने समस्या को गंभीरता से लिया होता तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता। उन्होंने कहा कि गर्मी हो या सर्दी पानी लोगों की अहम जरूरत होती है लेकिन यहां पर पानी उपलब्ध नहीं होना बड़ी परेशानी है।
उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याएं कम नहीं की गई तो आंदोलनकारी इससे भी उग्र रूप धारण करने को मजबूर हो जाएंगे। वहीं, बाद में लोगों के आक्रोश को देखते हुए कार्यकारी अधिकारी पिछले दरवाजे से बाहर निकले और लोगों को आश्वासन दिया और मोटर लगाने का आदेश पत्र देने के बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत करवाया।
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आंदोलन कर रहे लोगों के गुस्से को देखते हुए अधिकारियों ने स्वयं को कार्यालय के अंदर बंद कर लिया। इसके बाद लोगों का गुस्सा बढ़ गया और महिलाओं ने ताला तोड़ने के लिए पत्थर तक उठा लिए हालांकि वहां मौजूद कुछ लोगों ने स्थिति को संभाल लिया।
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गांव पल्ली की विमला देवी, सुरेष्टा कुमारी, नीतू देवी ने कहा कि दो महीने से पल्ली गांव में मोटर जल जाने के कारण पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। वहीं खरोट गांव के रमेश कुमार ने कहा कि उनके गांव में भी दस दिन से पानी की समस्या के कारण हाहाकार मचा हुआ है।
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विभाग इन समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों ने विभाग को कई बार पानी की समस्या बताकर इसका समाधान करने के लिए कहा लेकिन विभाग ने समस्या को नजरअंदाज किया।
इसके कारण समस्या बढ़ती रही। क्षेत्र के आक्रोशित लोगों ने कहा कि अगर विभाग ने समस्या को गंभीरता से लिया होता तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता। उन्होंने कहा कि गर्मी हो या सर्दी पानी लोगों की अहम जरूरत होती है लेकिन यहां पर पानी उपलब्ध नहीं होना बड़ी परेशानी है।
उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याएं कम नहीं की गई तो आंदोलनकारी इससे भी उग्र रूप धारण करने को मजबूर हो जाएंगे। वहीं, बाद में लोगों के आक्रोश को देखते हुए कार्यकारी अधिकारी पिछले दरवाजे से बाहर निकले और लोगों को आश्वासन दिया और मोटर लगाने का आदेश पत्र देने के बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत करवाया।