बुरहान को एनकाउंटर में मारने पर BJP की सहयोगी PDP ने उठाए सवाल
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जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी पीडीपी ने बुधवार को राज्य में अशांति के लिए भाजपा के साथ उसके गठबंधन को जिम्मेदार ठहराए जाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पार्टी के लोकसभा में सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग ने कहा कि घाटी के लोगों का लोकतंत्र से भरोसा उठने के पीछे 1948 से चली आ रही कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस की कार्रवाइयां जिम्मेदार रहीं।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सेना की बजाय कश्मीर में नैतिक अधिकारों का इस्तेमाल होना चाहिए। कश्मीर के मामले में पाकिस्तान के हस्तक्षेप की निंदा करते हुए बेग ने कहा कि घाटी के लोगों को भ्रमित किया जा रहा है।
उन्होंने मोदी सरकार में भरोसा जताते हुए कहा कि अगर आप कश्मीर समस्या का समाधान नहीं करेंगे तो कौन समाधान करेगा। उन्होंने कहा कि हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी को एनकाउंटर में मारने की बजाय उसे गिरफ्तार किया जा सकता था।
कश्मीर को मसला बनाकर पाकिस्तान को क्या हासिल हुआ
इस मामले में उन्होंने पूर्व के कुछ आतंकियों के नामों का जिक्र किया, जिन्होंने बंदूक छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने के लिए चुनाव लड़ा। बेग ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि बुरहान कौन सी आतंकी घटना में शामिल था। बेग इस दौरान पाकिस्तान पर भी खब बरसे।
कहा कि कश्मीर को मसला बनाकर पाकिस्तान को क्या हासिल हुआ। कहा कि 65 का युद्ध हुआ तो हम लाहौर तक पहुंचे गए थे, 71 हुआ तो बांग्लादेश बन गया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने शिमला समझौते का उल्लंघन किया है, हमेशा ही एलओसी पर सीज फायर उल्लंघन किया जाता है पर पाकिस्तान खुद ही शिकार हुआ है।
बेग ने अपने अपने भाषण में हालांकि, हुर्रियत और पाकिस्तान से बात करने की वकालत भी की। भाषण के अंत में उन्होंने कहा कि इस भाषण के बाद मेरी हत्या भी की जा सकती है, मेरे परिवार को भी निशाना बनाया जा सकता है, पर वो इसकी चिंता नहीं करेंगे और तथ्यों को पेश करेंगे। एजेंसी