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चार ट्यूबवेल, दो डग बेल और 20 हैंडपंप भी नहीं बुझा पा रहे प्यास
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बाड़ी ब्राह्मणा में पानी की पाईपें, जिन्हें बदलने की जरूरत है।
- फोटो : SAMBA
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बाड़ी ब्राह्मणा। पुरमंडल ब्लॉक की कटवालता पंचायत में पेयजल आपूर्ति के लिए चार ट्यूबवेल, दो डगवेल और 20 हैंडपंप हैं, लेकिन चारों ट्यूबवेल खराब पड़े हैं। हैंडपंपों का पानी पीने लायक नहीं है। सप्लाई सिर्फ दो डग वेल से ही की जा रही है। एक डग बेल का पानी पुरमंडल पंचायत को भी दिया जा रहा है। ऐसे में क्षेत्रवासियों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। डगवेल की पाइपों में भी लीकेज है, जिससे काफी मात्रा में पानी व्यर्थ बहता है। खराब ट्यूबवेलों को पीएचई विभाग ठीक नहीं करवा रहा।
पंचायत के अधीन आते मोहल्ला पलाई, रजौली, करनाल, बाला देव और गुज्जर नाला में अभी तक पानी पहुंचाने में पीएचई विभाग असफल रहा है। ये लोग हेंडपंप का ही पानी इस्तेमाल करते हैं, जो पीने लायक नहीं होता। इसके अलावा इन गांववासियों को तीन-चार किलोमीटर पैदल चलकर डगवेल से पानी ढोना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कटवालता से लेकर गुज्जर नाला तक पीएचई विभाग ने पाइप लाइन बिछाई थी, लेकिन उसको भी उखाड़ दिया गया है, क्योंकि इनमें पानी पहुंचाने में विभाग असफल रहा है। स्थानीय लोगों ने कहा कि गर्मियों में पानी की किल्लत और भी ज्यादा हो जाएगी, इसलिए पीएचई विभाग को तुरंत इस समस्या को हल करना होगा।
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इलाके में दो ट्यूबवेल काम नहीं कर रहे हैं, उसकी मुख्य वजह बोर का खराब होना है। पानी की लीकेज दूर करने के लिए पाइपें बदलेंगे। इसके लिए टेंडर की पेशकश विभाग के सामने रखी है। नई पाइपें जल्द लगा दी जाएंगी। छोटी-मोटी पानी की लीकेज नट बोल्ट के ढीला होने के कारण होती है जिसकी लगातार मरम्मत जारी रहती है।
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-विनोद कुमार, जेई, मेकेनिकल, पीएचई विभाग
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पंचायत के अधीन आते मोहल्ला पलाई, रजौली, करनाल, बाला देव और गुज्जर नाला में अभी तक पानी पहुंचाने में पीएचई विभाग असफल रहा है। ये लोग हेंडपंप का ही पानी इस्तेमाल करते हैं, जो पीने लायक नहीं होता। इसके अलावा इन गांववासियों को तीन-चार किलोमीटर पैदल चलकर डगवेल से पानी ढोना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कटवालता से लेकर गुज्जर नाला तक पीएचई विभाग ने पाइप लाइन बिछाई थी, लेकिन उसको भी उखाड़ दिया गया है, क्योंकि इनमें पानी पहुंचाने में विभाग असफल रहा है। स्थानीय लोगों ने कहा कि गर्मियों में पानी की किल्लत और भी ज्यादा हो जाएगी, इसलिए पीएचई विभाग को तुरंत इस समस्या को हल करना होगा।
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इलाके में दो ट्यूबवेल काम नहीं कर रहे हैं, उसकी मुख्य वजह बोर का खराब होना है। पानी की लीकेज दूर करने के लिए पाइपें बदलेंगे। इसके लिए टेंडर की पेशकश विभाग के सामने रखी है। नई पाइपें जल्द लगा दी जाएंगी। छोटी-मोटी पानी की लीकेज नट बोल्ट के ढीला होने के कारण होती है जिसकी लगातार मरम्मत जारी रहती है।
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-विनोद कुमार, जेई, मेकेनिकल, पीएचई विभाग