{"_id":"5a6f53194f1c1b80268b7267","slug":"violation-in-pulwama-against-shopian-firing-case","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"शोपियां कांड पर पुलवामा में हिंसक प्रदर्शन, विधानसभा में भी विपक्ष ने किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शोपियां कांड पर पुलवामा में हिंसक प्रदर्शन, विधानसभा में भी विपक्ष ने किया हंगामा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जम्मू
Updated Wed, 31 Jan 2018 10:44 AM IST
विज्ञापन
सुरक्षाबलों पर हुआ पथराव
- फोटो : BASIT ZARGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में सेना की फायरिंग में मारे गए दो स्थानीय युवाओं की मौत को लेकर शोपियां और पुलवामा में सोमवार को भी बंद रहा। बंद के दौरान पुलवामा के मुरन और केल्लर में हिंसक प्रदर्शन हुए। जेआरएल के समर्थकों ने रैली भी निकाली।
जानकारी के अनुसार दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के मुरन में स्थानीय लोगों की सुरक्षा बलों के साथ हाथापाई हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवाओं द्वारा सुरक्षाबलों पर पथराव किया गया। इसके जवाब में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले दागे।
जिले के केल्लर में भी सुरक्षाबलों ने पत्थरबाजों को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।वहीं, श्रीनगर के लाल चौक से सटे आबी गुजर इलाके में जेआरएल के समर्थकों द्वारा एक रैली निकाली। उनके द्वारा सरकार विरोधी नारेबाजी की गयी।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हमारे पास प्रदर्शन करने के अलावा और कोई हथियार नहीं है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से इस मामले में चुप्पी तोड़ने की अपील की है।
डीसी ऑफिस में दर्ज कराएं बयान
शोपियां हिंसा में मारे गए दो युवकों की मौत की जांच तेज कर दी गई है। जिला प्रशासन ने आदेश दिया है कि इस मामले में यदि कोई भी अपना बयान देना चाहता है, तो वह शोपियां डीसी आफिस में अपने बयान दर्ज कराए। 30 जनवरी से लेकर अगले एक हफ्ते तक बयान दर्ज कराए जा सकते हैं।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के मुरन में स्थानीय लोगों की सुरक्षा बलों के साथ हाथापाई हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवाओं द्वारा सुरक्षाबलों पर पथराव किया गया। इसके जवाब में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले दागे।
विज्ञापन
जिले के केल्लर में भी सुरक्षाबलों ने पत्थरबाजों को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।वहीं, श्रीनगर के लाल चौक से सटे आबी गुजर इलाके में जेआरएल के समर्थकों द्वारा एक रैली निकाली। उनके द्वारा सरकार विरोधी नारेबाजी की गयी।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हमारे पास प्रदर्शन करने के अलावा और कोई हथियार नहीं है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से इस मामले में चुप्पी तोड़ने की अपील की है।
डीसी ऑफिस में दर्ज कराएं बयान
शोपियां हिंसा में मारे गए दो युवकों की मौत की जांच तेज कर दी गई है। जिला प्रशासन ने आदेश दिया है कि इस मामले में यदि कोई भी अपना बयान देना चाहता है, तो वह शोपियां डीसी आफिस में अपने बयान दर्ज कराए। 30 जनवरी से लेकर अगले एक हफ्ते तक बयान दर्ज कराए जा सकते हैं।
शोपियां फायरिंग पर विधानसभा में हंगामा
assembly
- फोटो : Amar ujala
दक्षिणी कश्मीर के शोपियां में फायरिंग में दो युवकों की मौत मामले पर विधानसभा में सोमवार को हंगामा हुआ। विपक्ष के हंगामे पर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के आग्रह पर स्पीकर कवींद्र गुप्ता ने प्रश्नकाल स्थगित कर कामरोको प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नेकां तथा कांग्रेस ने शोपियां प्रकरण को लेकर शोर शराबा शुरू कर दिया। वे शोपियां प्रकरण पर सदन में चर्चा की मांग कर रहे थे। इसका शोपियां से पीडीपी विधायक मोहम्मद युसूफ भट तथा सोनावर से विधायक मोहम्मद अशरफ मीर ने भी समर्थन किया।
विपक्षी सदस्यों ने हाथों में शोपियां घटना के चित्र लेकर कामरोको प्रस्ताव सौंपते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने मांग के समर्थन में नारेबाजी भी की। इस पर स्पीकर ने उन्हें अपनी सीट पर जाने को कहा। साथ ही आश्वस्त किया कि प्रश्नकाल के बाद इस पर चर्चा कराई जाएगी।
वे लगातार नारेबाजी करते रहे तो मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि शोपियां में जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ सदस्य इस पर चर्चा चाहते हैं तो चर्चा होनी चाहिए। यह सदन का अधिकार है कि वह चर्चा की अनुमति दे। इसके बाद स्पीकर ने प्रश्नकाल स्थगित करते हुए चर्चा कराई।
चर्चा में नेकां के उमर अब्दुल्ला, अली मोहम्मद सागर, एमवाई तारिगामी, मो. युसूफ, आरएस पठानिया, हाकिम यासीन, बशीर अहमद डार, मियां अल्ताफ, पवन गुप्ता आदि ने हिस्सा लिया।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नेकां तथा कांग्रेस ने शोपियां प्रकरण को लेकर शोर शराबा शुरू कर दिया। वे शोपियां प्रकरण पर सदन में चर्चा की मांग कर रहे थे। इसका शोपियां से पीडीपी विधायक मोहम्मद युसूफ भट तथा सोनावर से विधायक मोहम्मद अशरफ मीर ने भी समर्थन किया।
विपक्षी सदस्यों ने हाथों में शोपियां घटना के चित्र लेकर कामरोको प्रस्ताव सौंपते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने मांग के समर्थन में नारेबाजी भी की। इस पर स्पीकर ने उन्हें अपनी सीट पर जाने को कहा। साथ ही आश्वस्त किया कि प्रश्नकाल के बाद इस पर चर्चा कराई जाएगी।
वे लगातार नारेबाजी करते रहे तो मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि शोपियां में जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ सदस्य इस पर चर्चा चाहते हैं तो चर्चा होनी चाहिए। यह सदन का अधिकार है कि वह चर्चा की अनुमति दे। इसके बाद स्पीकर ने प्रश्नकाल स्थगित करते हुए चर्चा कराई।
चर्चा में नेकां के उमर अब्दुल्ला, अली मोहम्मद सागर, एमवाई तारिगामी, मो. युसूफ, आरएस पठानिया, हाकिम यासीन, बशीर अहमद डार, मियां अल्ताफ, पवन गुप्ता आदि ने हिस्सा लिया।