बस खाई में गिरने से 24 की मौत, 48 घायल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर से लगभग 80 किलोमीटर दूर गांव मरोठी में यात्रियों से ठसाठस लदी बस तीन सौ फुट गहरी खाई में गिरने से 24 लोगों की मौत हो गई। जबकि 48 यात्री घायल हो गए। घायलों को चिनैनी और उधमपुर अस्पताल में दाखिल करवाया गया। छह घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें एयरलिफ्ट कर जम्मू जीएमसी अस्पताल लाया गया।
यहां एक घायल ने दम तोड़ दिया। शेष पांच की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद चिनैनी और उधमपुर अस्पताल में दिनभर अफरातफरी का माहौल रहा। घटना की जानकारी मिलने के बाद उच्च प्रशासनिक अधिकारी और इलाका विधायक मौके पर पहुंचे। गहरी खाई में गिरने से बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार सुबह करीब 10.45 बजे लाटी से जम्मू आ रही बस गांव मरोठी के पास अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधा खाई में समा गई।
हादसे के कारणों का अभी नहीं पता
हालांकि दुर्घटना का तत्काल कारण पता नहीं चल पाया पर आशंका जताई जा रही है कि बस का कोई पार्ट्स टूटने से हादसा हुआ। बस में क्षमता से ज्यादा यात्रियों को भरे होने से मृतकों की संख्या बढ़ी। घटना की सूचना पाकर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे।
घायलों को खाई से निकाल पहले शुद्ध महादेव अस्पताल पहुंचाया गया। जहां से उन्हें चिनैनी उपजिला और उधमपुर जिला अस्पताल ले जाया गया। ज्यादातर शवों को लाटी पीएचसी में ही रखा गया। जहां उनके परिवार के लोग अपनों के शव तलाशते रहे। दुर्घटना में घायल शमशेर सिंह ने बताया कि हादसे से चंद सेकेंड पहले बस एक ओर बैठ गई थी।
उन्हें लगा कि सड़क दबी होने के कारण झटका लगा होगा, लेकिन अचानक बस गहरी खाई में जा गिरी। एक अन्य घायल ने कहा कि बस एकाएक नीचे चली गई। चालक ने मोड़ काटने का पूरा प्रयास किया लेकिन वह मोड़ नहीं काट पाया। चालक ने कुछ यात्रियों को संभलने को भी कहा था।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने अफसोस जताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने उधमपुर के पास हुई बस दुर्घटना पर अफसोस जताया। दुर्घटना के तुरंत बाद मोदी ने घटना की जानकारी मांगी, जो पीएमओ राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने उन्हें दी। प्रधानमंत्री ने दुर्घटना के प्रभावितों को हरसंभव मदद मुहैया करवाने को कहा।
साथ ही मृतकों के परिवार वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मोदी ने ट्विटर पर लिखा, ‘जेएंडके बस दुर्घटना की खबर से काफी दुख हुआ। मेरे विचार मृतकों के परिवारों के साथ हैं। घायलों के स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करता हूं।’ उन्होंने आगे लिखा कि मैंने अपने मंत्रिमंडल के साथी डा. जितेंद्र सिंह को अथारिटी के संपर्क में रहने को कहा है।
मुख्यमंत्री मुफ्ती ने घटना पर गहरा शोक जताते हुए मृतकों के परिवार वालों को संवेदना जताई और उनकी (मृतकों) आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की।
जीएमसी लाए छह घायलों में से एक ने दम तोड़ा
उधमपुर के लाटी (चिनैनी) में सोमवार की दोपहर बस खाई में गिरने के बाद घायलों को जम्मू रेफर करने की सूचना पर जीएमसी में अफरा-तफरी मच गई। एयरलिफ्ट करके लाए गए छह घायलों में से एक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। डाक्टरों ने हलका सुगाम (श्रीनगर) निवासी मोहम्मद मकबूल भट्ट (37) को मृत लाया घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान उसके पास से मिले वोटर कार्ड से हुई। पुलिस ने पीसीआर के माध्यम से मृतक के परिवार वालों को सूचना दे दी है। एयरलिफ्ट करके जम्मू लाए घायलों में छह माह का बच्चा पवन कुमार (जो कि अपने नाना के साथ जम्मू आया) शामिल है, बच्चे के बायें पैर की अंगुलियों, छाती और चेहरे पर चोट आई है। नाना के मुताबिक पवन की मां चिनैनी में है।
जीएमसी में शुरू हो गई थी तैयारी
इसके अलावा जखैड़ी निवासी प्रेम नाथ (50), रतन चंद, गांव कलाख, सीरा निवासी राकेश कुमार (25), मराठी निवासी मनीशा देवी (13) घायल है, जबकि छठे घायल हलका सुगाम (श्रीनगर) निवासी मोहम्मद मकबूल भट्ट (37) की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। इससे पहले हादसे की सूचना मिलते ही जीएमसीमें सभी सक्रिय हो गई।
घायलों को रेफर करने का संदेश मिलने के बाद चौकी इंचार्ज से लेकर डाक्टरों का अमला घायलों के पहुंचने का इंतजार करने लगा। एक साथ एक दर्जन के करीब स्ट्रेचर लाइन में लगा दिए गए, ताकि घायलों को कम से कम समय में इमरजेंसी में पहुंचाकर कर उनका इलाज शुरू किया जा सके। कुछ ही देर में छह घायलों को एयर लिफ्ट कर सतवारी एयरपोर्ट पहुंचाया गया। वहां से घायलों को जीएमसी लाया गया था।
अपनों की खैर जानने को परेशान रहे लोग
सुबह कई लोग अपने काम पर तो कुछ शादी समारोह में जा रहे थे। पर जैसे ही उन्हें मरोठी में भीषण सड़क दुर्घटना की जानकारी मिली कि सभी फोन से अपनों का कुशलक्षेम पूछने के लिए परेशान होने लगे। चिनैनी, सुद्धमहादेव और लाटी के लोग अपने वाहनों को लेकर घटनास्थल पर पहुंच गए। कुछ अस्पताल पर इंतजार करने लगे।
घंटों तक लोग अपनों के हाल चाल जान रहे थे। सोमवार शाम तक अस्पताल में स्थानीय लोगों का जमावड़ा लगा रहा। जिस किसी को भी हादसे की जानकारी मिल रही थी, वह इस पर गहरा दुख प्रकट कर रहा था। चिनैनी सब डिवीजन और लाटी तहसील पूरी तरह शोक में डूब चुकी थी। कई लोगों के आंसू निकल आए थे।
स्थिति देख एक छात्र को आया चक्कर
हादसे की खबर मिलते ही कोई भी पीछे नहीं रहा। स्कूली छात्र भी अस्पताल पहुंच गए। इनमें एक छात्र को अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल देखकर चक्कर आ गया। उसे तुरंत घर भेज दिया गया।
एयर लिफ्ट किया जाता तो बच जाती कई जान
चिनैनी अस्पताल ले जाते समय जिन घायल यात्रियों ने दम तोड़ा, उनकी जान बच सकती थी यदि उन्हें एयर लिफ्ट कर जम्मू भेज दिया जाता। कुछ मृतक के परिजनों का ऐसा कहना था। उनका यह भी कहना था कि मानतलाई में पहले उन्हें रुकने के लिए कहा और फिर भेज दिया गया।
उसके तुरंत बाद हेलीकाप्टर भी आ गया, लेकिन तब तक उनके मरीज की रास्ते में ही मौत हो चुकी। मृतक के रिश्तेदारों में प्रशासन की अव्यवस्था के प्रति गहरा रोष था। चिनैनी अस्पताल पहुंचने से पहले ही विद्या देवी और शारदा देवी निवासी सराड़ व शौभा देवी निवासी घाड़िया की मौत हो गई थी।
सड़क की हालत ही हादसे का कारण
विधायक दीनानाथ भगत ने मरोठी बस हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया है और कहा कि खस्ताहाल सड़क ही हादसे का मुख्य कारण रहा। उनका कहना था कि सड़क की हालत काफी दयनीय है। इस कारण यात्रियों का सफर हिचकोले खाते हुए होता है। यदि सड़क ठीक होती तो यह हादसा नहीं होता।
उन्होंने सरकार से सड़क की हालत में तुरंत सुधार लाने और मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख व घायलों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे के रूप में देने की मांग की। वहीं चिनैनी के पूर्व विधायक कृष्ण चंद्र भगत ने भी हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया तथा मृतकों के आश्रितों को दस-दस लाख और घायलों को पांच-पांच लाख देने की मांग की।
डीसी ने किया मौके का दौरा
बस हादसे के बाद जिला प्रशासन के उच्च अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए। जिला उधमपुर से डीसी यशा मुद्गल, एडीसी अंग्रेज सिंह के अलावा डीआईजी सुरिंद्र गुप्ता, एसएसपी सुलेमान चौधरी, डीएसपीओ विनोद, एसडीएम दवेंद्र शर्मा, तहसीलदार ओपी भगत, नायब तहसीलदार रफीक अहमद, नायब तहसीलदार मो. सलीम, थाना प्रभारी अजीत सिंह मौके पर मौजूद थे। वहीं प्रशासन ने रैड क्रास की ओर से मृतकों के परिजनों को दस-दस हजार रुपये दिए। जबकि घायलों को पांच-पांच हजार की सहायता दी।
यहां देखें, घायलों और मृतकों की सूची
चिनैनी से उधमपुर रेफर
बाल कृष्ण, शक्ति कुमार, बाल कृष्ण, पूजा देवी निवासी लाटी, दशर्न कुमार, काका राम, बलबीर सिंह, सुनैना निवासी जखेड़, राकेश कुमार निवासी घंटवाल, नजीरा बेगम निवासी बष्ट, मो. गुलशुबार व पींटु निवासी यूपी, दर्शन कुमार निवासी डुडू, सागर चंद, सुदेश कुमार निवासी पचोंड, जोगिंदर और राकेश कुमार निवासी मरोठी।
चिनैनी में घायल
अजीत कुमार, आम प्रकाश निवासी पचोंड, तारा चंद, मोहन लाल, जोगिंद्र निवासी जखेड, संजय कुमार निवासी कोसार, सुरेश चंद्र, शारदा निवासी सराड़, वीना देवी निवासी चज्ज, राकेश कुमार, नीलमा देवी, सावीत्री, निशू देवी, निवासी डुडू, अकाश निवासी मनवाल, रेखा व शमशेर सिहं निवासी कित्थर, पुषपा, मुंशी राम निवासी लाटी, शारदा निवासी लाटी, रोहित शर्मा निवासी डुडू, काजल निवासी मनवाल, जुम्मा निवासी घोरडी, कुलदीप कुमार निवासी लाटी, रत्न लाल निवासी पंचोड, शाम लाल निवासी लाटी, गिरधारी लाल निवासी लाटी व जोगिंदर निवासी लाटी शामिल है।
मृतकों की सूची
विध्या देवी व शारदा देवी निवासी सराड़, शौभा देवी निवासी घाड़ियां, रेखा देवी पचोंड, बेग राज निवासी लाटी, बबली निवासी रसैनी, रोहित निवासी रसैनी, चालक शाम निवासी जम्मू, कामनी निवासी जखेड, नसार उद्दीन निवासी बसंतगढ़, पोली देवी निवासी पचोंड, पाशो राम निवासी चप्पड़, मुंशी राम निवासी जखेड़, ओंकार चंद निवासी चप्पड़, रंजीत कुमार निवासी जखेड़, बिशनो देवी निवासी सीरा, काक राम निवासी पचोंड, गोरा देवी निवासी पचोंड, कमला देवी निवासी मरोठी, जीवन कुमार निवासी डुडू, गायत्री देवी निवासी लाटी, शानो देवी निवासी मनवाल और डेढ़ वर्षीय बच्ची अर्चना।