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बाढ़ से कारोबार ठप, व्यापारियों को भारी नुकसान
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 16 Sep 2014 12:24 AM IST
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रियासत की सबसे बड़ी मंडी वेयर हाउस में दालों का होलसेल कारोबार करने वाला एक व्यापारी जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़ से काफी परेशान है। व्यापारी का कहना है कि कारोबार ठप होने की उन्हें चिंता नहीं है, बल्कि कश्मीर घाटी में बाढ़ के कारण पेमेंट फंसने से वह पसोपेश में है।
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अगले दो-तीन माह तक कश्मीर के व्यापारियों से बकाया राशि मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही, जबकि बड़ी मंडियों के व्यापारियों के साथ उनका पेमेंट सर्किल गड़बड़ा गया है। अब कश्मीर के बाढ़ प्रभावित इलाकों से पेमेंट आए या नहीं, लेकिन उन्हें तो अपने व्यापारियों को भुगतान करना है। यही हाल, मंडी के लगभग साढ़े चार सौ होलसेल व्यापारियों का है, जिनका कश्मीर घाटी के अलावा जम्मू संभाग के बाढ़ग्रस्त इलाकों में भारी राशि फंसी है।
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वेयर हाउस मंडी के व्यापारी कीर्ति गुप्ता कहते हैं कि व्यापारियों के लिए सबसे चिंता की बात पेमेंट पर लगने वाला ब्याज है। भले वह मंडी के आढ़ती का हो या फिर बैंक का। पेमेंट में देर होती है तो ब्याज भरना होगा। व्यापारी अब किसी तरह बकाया पेमेंट के भुगतान का इंतजाम करने में जुटा हुआ है, ताकि आढ़ती या बैंक के ब्याज से बचा जा सके। इसके लिए वह कर्ज तक लेने में गुरेज नहीं कर रहा।
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खासकर कश्मीर घाटी में जो हालात हैं, उससे अगले दो माह तक कश्मीर के साथ कारोबार सामान्य नहीं हो सकता। क्योंकि वहां के दुकानदारों और व्यापारियों का भी बाढ़ में सबकुछ बर्बाद हो चुका है। सरकार को उन व्यापारियों को फिर से खड़ा करने के प्रयास भी करने चाहिए। पिछले 13 दिनों से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे अभी शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में कारोबार शुरू होना तो दूर, घाटी के व्यापारियों से संपर्क तक टूटा हुआ है।
होलसेल मंडियों में जहां तक कारोबार की बात है, वह 60-70 फीसदी तक गिर चुका है। यही हाल आटा, तेल व अन्य खाद्य पदार्थों के सामानों के उत्पादन से जुड़ी इंडस्ट्रीज का है। कई कंपनियों ने अपना उत्पादन कम कर दिया है। क्योंकि सामान्य दिनों की तरह माल सप्लाई नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा पूंजी का संकट अलग से है।