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घटिया दवाइयों पर कसें नकेल: गर्वनर
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 17 Feb 2015 01:39 AM IST
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राज्यपाल एनएन वोहरा ने बाजार में बिक रही घटिया स्तर की दवाइयों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए दवाइयों की कालाबाजारी कर विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पिछले एक साल में डिफाल्टरों पर विशेष नजर रखने पर जोर दिया गया है। इसके लिए कंट्रोलर, ड्रग एंड फूड कंट्रोल आर्गनाइजेशन (डीएफसीओ) को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। रियासत में अगले कुछ दिनों में दवाइयों का अवैध कारोबार कर रहे विक्रेताओं पर गाज गिर सकती है।
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इससे पूर्व सेंट्रल ड्रग स्टेंडर्ड कंट्रोल आर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) ने राज्य के विभिन्न अस्पतालों से दवाइयों के सैंपल उठाए थे। इसमें 156 सैंपलों में से 27 में घटिया स्तर की दवाइयां पाईं गईं। डीएफसीओ द्वारा बाजार से 21 लाख रुपये की घटिया स्तर की दवाइयां जब्त करके पांच दवा विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए थे। राज्य में दवाइयों का गोरखधंधा लगातार फलफूल रहा है।
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अप्रैल 2013 में एंटीबायोटिक मैक्सामाइजेन (625 मिलीग्राम) में घटिया गुणवत्ता पाए जाने के बाद जम्मू और कश्मीर डिवीजन के सरकारी अस्पतालों में 30 हजार के करीब इस एंटीबायोटिक टेबलेट (दवाई) को सीज किया गया था। इसमें कश्मीर डिवीजन में 28000 टेबलेट उठाई गईं थीं। जबकि कश्मीर में आधी दवाई मरीजों को दे दी गई थी। इस दवाई के प्रयोग पर रोक लगाने के साथ यह मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया था।
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इसके बाद कई अन्य सैंपल भी फेल आए थे। जम्मू डिवीजन में 4000 से ज्यादा रिटेल और 1300 से ज्यादा होलसेल दवाइयों के काउंटर चल रहे हैं। इसके अलावा कई दर्जनों ऐसे सेंटर भी हैं, जो अवैध ढंग से चल रहे हैं। जम्मू संभाग की बात करें तो कठुआ सेक्टर में पंजाब से सटे इलाकों से एजेंट आकर यहां इस अवैध धंधे को कर रहे हैं। इनमें अधिकांश मामलों में किराये की दुकानों का सहारा लिया जाता है।