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करोड़पति और नेट पास थे मुठभेड़ में मारे गए आतंकी

Sat, 22 Nov 2014 12:41 PM IST
Updated Sat, 22 Nov 2014 12:41 PM IST
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three militants killed in army encounter

रशीद के अनुसार, पिछले शुक्रवार को चेनिगाम कुलगाम में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच 21 घंटों तक चली मुठभेड़ में उसका एक मित्र मंज़ूर, जो एक आतंकी था, मारा गया था। इस घटना के बाद आसिफ बिना किसी को बताए घर से चला गया।

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उन्हें लगता है कि उसके आतंकी बनने के पीछे यही कारण हो सकता है। उन्हें इस बात का पता ही नहीं चला कि आसिफ ने कब हिजबुल मुजाहिदीन का हाथ थाम लिया।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शिराज़ और आसिफ की तरह दक्षिणी कश्मीर में दो दर्जन से अधिक ऐसे युवा हैं जो हाल ही में आतंक के पन्नों में शामिल हुए हैं। आतंकी संगठन उन्हें इस्तेमाल करने की कोशिश में हैं ताकि घाटी में होने वाले विधानसभा चुनाव में खलल पैदा कर सकें।

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त्राल मुठभेड़ में मारे दो आतंकी थे रंगरूट

three militants killed in army encounter

दक्षिणी कश्मीर के त्राल में गुरुवार को मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकियों में दो नए रंगरूट थे। दोनों ने हाल ही में हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी संगठन का हाथ थामा था।

मुठभेड़ में मारा गया पंजरन पुलवामा का रहने वाला शिराज अहमद गनई दक्षिणी कश्मीर के अवंतिपोरा स्थित इस्लामिक यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता का कोर्स कर रहा था। हाल ही में उसने नेट की परीक्षा भी पास की थी।

शिराज के पिता मोहम्मद सुलतान ने बताया कि उनके बेटे ने इकोनॉमिक्स में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की थी और अब पत्रकारिता के चौथे सेमेस्टर में था। उसे सरकारी नौकरी भी मिली थी, लेकिन पत्रकारिता के शौक के चलते उसने ठुकरा दिया।

दस दिन पहले शामिल हुए थे आतंकियों की जमात में

three militants killed in army encounter

पिता ने बताया कि उनके घर की आर्थिक स्थिति अच्छी होने के साथ-साथ माहौल भी ठीक था। वह मेवे के व्यापार से जुड़े हुए हैं। उन्हें नहीं पता कि किन कारणों से वह 11 नवंबर को हिजबुल आतंकी संगठन में शामिल हो गया। उनके परिवार की गिनती करोड़पति परिवारों में होती है।

सुल्तान ने कहा कि आतंकी बनने से पूर्व उनका बेटा सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा था। मुठभेड़ में मारे गए शिराज को पंजरन के पैतृक कब्रिस्तान में दफनाया गया। काफी संख्या में स्थानीय लोग उसके जनाजे में शामिल हुए।

वहीं मुठभेड़ में मारे गए चेनिगाम कुलगाम के रहने वाले आसिफ अहमद भट के भाई अब्दुल रशीद भट के अनुसार, वह काफी विनम्र और धार्मिक स्वभाव का था।

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