{"_id":"1174d8556a81d289d71446c455301e45","slug":"the-school-principal-s-salary-withheld-due-to-absent-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैरहाजिर प्रिंसिपल का वेतन रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैरहाजिर प्रिंसिपल का वेतन रोका
ब्यूरो/अमर उजाला, उध्ामपुर
Updated Sun, 21 Sep 2014 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीईओ उधमपुर बलबीर सिंह ने शनिवार को हायर सेकेंडरी स्कूल मौंगरी का औचक दौरा किया। इस दौरान प्रिंसिपल स्कूल से गैरहाजिर थीं। प्रिंसिपल के खिलाफ कई शिकायतें भी सामने आई। सीईओ ने उसी समय प्रिंसिपल का वेतन रोकने के साथ मामले की चार्जशीट तैयार करने के आदेश जारी किए। सीईओ का कहना है चार्जशीट भेजकर प्रिंसिपल को निलंबित करने की सिफारिश की जाएगी।
विज्ञापन
डीईपीओ बिमल राय के साथ सीईओ सुबह पहले बारिश और भूस्खलन से तबाह होने वाले गांव सद्दल पहुंचे, जहां उन्होंने पाया कि भूस्खलन के कारण मिडिल स्कूल सद्दल और प्राइमरी स्कूल सद्दल की इमारतें पूरी तरह से तबाह हो चुकी हैं। उन्होंने उसी समय जेडईओ पंचैरी को निर्देश दिए कि दोनों स्कूलों के विद्यार्थियों को हाई स्कूल पंजर और प्राइमरी स्कूल कसूरी में स्थानांतरित कर शिक्षा प्रदान की जाए।
विज्ञापन
सीईओ ने क्षतिग्रस्त होने वाले स्कूल के शिक्षकों को आदेश दिए कि सभी हाई स्कूल पंजर और प्राइमरी स्कूल कसूरी पहुंच कर विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करें। इसके अलावा स्कूल के विद्यार्थियों को निशुल्क पुस्तकों के साथ वर्दी दी जाए। ग्रामीणों से शिकायत मिलने के बाद सीईओ दोपहर करीब दो बजे हायर सेकेंडरी स्कूल मौंगरी पहुंचे। वहां उन्होंने पाया कि प्रिंसिपल को छोड़कर सारा स्टाफ मौजूद है।
विज्ञापन
पूछताछ और हाजिरी रजिस्टर की जांच करने के बाद सीईओ ने पाया कि प्रिंसिपल कभी-कभार ही स्कूल पहुंचती हैं। गैरहाजिर होने पर प्रिंसिपल की तरफ से कभी भी कैजुअल लीव नहीं ली जाती है। पूछताछ के दौरान ही प्रिंसिपल के खिलाफ कई शिकायतें मिली। प्रिंसिपल ने उसी समय जेडईओ को निर्देश दिए कि प्रिंसिपल का सितंबर माह वेतन रोका जाए। इसके अलावा प्रिंसिपल के निलंबन के सिफारिश की चार्जशीट तैयार कर जल्द से जल्द उच्च अधिकारियों के पास भेजी जाई।