{"_id":"58ac46134f1c1b9954b2414f","slug":"the-new-rules-of-the-jammu-and-kashmir-government-on-weddings","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"J&K: शादी और अन्य समारोहों में फिजूलखर्जी रोकने के लिए सरकार ने उठाया बड़ा कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
J&K: शादी और अन्य समारोहों में फिजूलखर्जी रोकने के लिए सरकार ने उठाया बड़ा कदम
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 22 Feb 2017 11:45 AM IST
विज्ञापन
महबूबा मुफ्ती
- फोटो : AMAR UJALA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शादी सहित अन्य समारोहों की फिजूलखर्ची पर सरकार ने नकेल कसा है। सरकार ने निमंत्रण कार्ड के साथ रिश्तेदारों, दोस्तों और मेहमानों को ड्राई फ्रूट्स और मिठाई के पैकेट देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
विभिन्न समारोहों के लिए अतिथियों की संख्या भी निर्धारित कर दी गई है। ऐसे समारोहों में बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थों के व्यर्थ होने के साथ अन्य गंभीर समस्याओं को देखते हुए सरकार ने यह फैसला किया है। रियासत में पहली अप्रैल 2017 से लागू हो रहे नए नियम मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सामान्य लोगों पर लागू होंगे।
सीएपीडी मंत्री चौधरी जुल्फकार अली ने पत्रकारों को बताया कि नए नियमों में सरकारी और निजी सभी समारोहों में एंप्लीफायर/लाउड स्पीकर/फायर क्रेकर (मानव क्षमता से अधिक) के प्रयोग पर रोक लगा दी गई है। लड़की की शादी (बारात), बेटे की शादी और अन्य छोटे समारोहों में निर्धारित की गई अतिथियों की संख्या क्रमश: 500, 400 और 100 रहेगी।
विज्ञापन
ऐसे समारोहों में सात-सात मांसाहारी, शाकाहारी स्टाल के साथ स्वीट्स या फ्रूट्स के सिर्फ दो स्टाल रहेंगे। ऐसे समारोहों में बचे हुए खाद्य पदार्थों (पके और बिना पके) को डस्टबीन में डालने के बजाय पर्याप्त पैकिंग में जरूरतमंद लोगों तथा वृद्ध आश्रम को मुहैया करवाया जाए। समारोहों के दौरान प्लास्टिक और अन डिस्पोजेबल सामग्री को खुलने में फेंकने के बजाय अलग से डस्टबिन की व्यवस्था करके नियमों के तहत उसे निष्क्रिय किया जाए।
विज्ञापन
विभिन्न समारोहों के लिए अतिथियों की संख्या भी निर्धारित कर दी गई है। ऐसे समारोहों में बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थों के व्यर्थ होने के साथ अन्य गंभीर समस्याओं को देखते हुए सरकार ने यह फैसला किया है। रियासत में पहली अप्रैल 2017 से लागू हो रहे नए नियम मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सामान्य लोगों पर लागू होंगे।
विज्ञापन
सीएपीडी मंत्री चौधरी जुल्फकार अली ने पत्रकारों को बताया कि नए नियमों में सरकारी और निजी सभी समारोहों में एंप्लीफायर/लाउड स्पीकर/फायर क्रेकर (मानव क्षमता से अधिक) के प्रयोग पर रोक लगा दी गई है। लड़की की शादी (बारात), बेटे की शादी और अन्य छोटे समारोहों में निर्धारित की गई अतिथियों की संख्या क्रमश: 500, 400 और 100 रहेगी।
विज्ञापन
ऐसे समारोहों में सात-सात मांसाहारी, शाकाहारी स्टाल के साथ स्वीट्स या फ्रूट्स के सिर्फ दो स्टाल रहेंगे। ऐसे समारोहों में बचे हुए खाद्य पदार्थों (पके और बिना पके) को डस्टबीन में डालने के बजाय पर्याप्त पैकिंग में जरूरतमंद लोगों तथा वृद्ध आश्रम को मुहैया करवाया जाए। समारोहों के दौरान प्लास्टिक और अन डिस्पोजेबल सामग्री को खुलने में फेंकने के बजाय अलग से डस्टबिन की व्यवस्था करके नियमों के तहत उसे निष्क्रिय किया जाए।
नई व्यवस्था पर अमल के लिए टीम बनेगी
शादी समारोह
- फोटो : FILE PHOTO
नई व्यवस्था को अमल में लाने के लिए जिला उपायुक्तों को जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए जाएंगे। सीएपीडी की विशेष टीमों के अलावा पुलिस और प्रशासन की मदद ली जाएगी।
सरकार ने विभिन्न वर्गों से ली थी राय
मंत्री ने बताया कि सरकार ने विभिन्न वर्गों से राय मांगी थीं। इसमें जमीनी स्तर के हालात की भी समीक्षा की गई। जिसमें पाया गया है कि राज्य में शादी सहित अन्य समारोहों में खाद्य पदार्थों की व्यर्थ मात्रा बढ़ी है। जनरेटर सेट/हाई एंप्लीफायर/लाउड स्पीकर/डेक/पटाखों से ध्वनि, वायु, मिट्टी और जल प्रदूषण बढ़ा है।
अतिथियों को क्षमता से अधिक निमंत्रण देने से सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग के साथ जाम की समस्या बढ़ी है। ऐसी व्यवस्था से समाज में एक वर्ग जरूरी खाद्य पदार्थों को व्यर्थ करने के साथ अन्य समस्याओं को बढ़ावा दे रहा है जबकि एक दूसरा वर्ग में खाद्य पदार्थों की किल्लत बढ़ी है। समाज को संतुलित रखने के लिए ऐसी व्यवस्था को अमल में लाया जा रहा है।
सरकार ने विभिन्न वर्गों से ली थी राय
मंत्री ने बताया कि सरकार ने विभिन्न वर्गों से राय मांगी थीं। इसमें जमीनी स्तर के हालात की भी समीक्षा की गई। जिसमें पाया गया है कि राज्य में शादी सहित अन्य समारोहों में खाद्य पदार्थों की व्यर्थ मात्रा बढ़ी है। जनरेटर सेट/हाई एंप्लीफायर/लाउड स्पीकर/डेक/पटाखों से ध्वनि, वायु, मिट्टी और जल प्रदूषण बढ़ा है।
अतिथियों को क्षमता से अधिक निमंत्रण देने से सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग के साथ जाम की समस्या बढ़ी है। ऐसी व्यवस्था से समाज में एक वर्ग जरूरी खाद्य पदार्थों को व्यर्थ करने के साथ अन्य समस्याओं को बढ़ावा दे रहा है जबकि एक दूसरा वर्ग में खाद्य पदार्थों की किल्लत बढ़ी है। समाज को संतुलित रखने के लिए ऐसी व्यवस्था को अमल में लाया जा रहा है।