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'कश्मीर के दौरे पर आए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने कुछ हासिल नहीं किया'
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 07 Sep 2016 09:56 PM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
- फोटो : File Photo
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पूर्व मुख्यमंत्री तथा नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि हाल के दौरे से सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को कुछ हासिल नहीं हुआ। साथ ही उनके पास स्थिति पर नियंत्रण करने का कोई उपाय भी नहीं था।
दिल्ली में दो दिवसीय दौरे के परिणामों पर मंथन के लिए हुई सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक की समाप्ति पर ट्वीट कर कहा कि यदि प्रतिनिधिमंडल को केवल घाटी में शांति की अपील ही करनी थी तो यह बिना दौरे के भी हो सकता था। इसमें समय तथा पैसा व्यर्थ करने की क्या जरूरत थी।
75 लोगों की मौत हो चुकी है और 1000 से ज्यादा घायल हुए हैं, लेकिन हालात को काबू में करने के लिए सेंस आफ अर्जेंसी नहीं है। केवल इतना बयान जारी किया गया कि लोग हिंसा का मार्ग त्यागें और बातचीत से सभी मुद्दों का समाधान करें।
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इससे पूर्व उमर ने कहा कि महबूबा मुफ्ती को घाटी की वर्तमान स्थिति की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। यह समय है कि महबूबा दोषारोपण बंद कर स्थिति की जिम्मेदारी लें। वह मंगलवार को महबूबा की ओर से अलगाववादियों को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।
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दिल्ली में दो दिवसीय दौरे के परिणामों पर मंथन के लिए हुई सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक की समाप्ति पर ट्वीट कर कहा कि यदि प्रतिनिधिमंडल को केवल घाटी में शांति की अपील ही करनी थी तो यह बिना दौरे के भी हो सकता था। इसमें समय तथा पैसा व्यर्थ करने की क्या जरूरत थी।
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75 लोगों की मौत हो चुकी है और 1000 से ज्यादा घायल हुए हैं, लेकिन हालात को काबू में करने के लिए सेंस आफ अर्जेंसी नहीं है। केवल इतना बयान जारी किया गया कि लोग हिंसा का मार्ग त्यागें और बातचीत से सभी मुद्दों का समाधान करें।
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इससे पूर्व उमर ने कहा कि महबूबा मुफ्ती को घाटी की वर्तमान स्थिति की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। यह समय है कि महबूबा दोषारोपण बंद कर स्थिति की जिम्मेदारी लें। वह मंगलवार को महबूबा की ओर से अलगाववादियों को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।
केंद्र सरकार लोगों को गुमराह कर रही : हुर्रियत
कश्मीर के अलगाववादी नेता
- फोटो : File Photo
वहीं हुर्रियत कांफ्रेंस ने कहा है कि अलगाववादियों के खिलाफ सख्ती की बात कहकर केंद्र सरकार जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। हुर्रियत (एम) के प्रवक्ता ने बयान में कहा कि दरअसल सरकार मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
केंद्र सरकार को उन सुविधाओं की विस्तृत जानकारी देनी चाहिए जो उसने अलगाववादियों को दिए हैं। कुछ अलगाववादी नेताओं को सुरक्षा जरूर मिला है। यह केवल जेके पुलिस के जवान तैनात हैं। राज्य सरकार ने मीरवाइज के पिता की हत्या के बाद सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद दिया गया था। कुछ अन्य सदस्यों को भी पुलिस सुरक्षा दी गई है।
केंद्र सरकार को उन सुविधाओं की विस्तृत जानकारी देनी चाहिए जो उसने अलगाववादियों को दिए हैं। कुछ अलगाववादी नेताओं को सुरक्षा जरूर मिला है। यह केवल जेके पुलिस के जवान तैनात हैं। राज्य सरकार ने मीरवाइज के पिता की हत्या के बाद सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद दिया गया था। कुछ अन्य सदस्यों को भी पुलिस सुरक्षा दी गई है।