जम्मू-कश्मीर में आतंक के इस पुराने किले को फिर से जिंदा करने की साजिश कर रहा पाक
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पाकिस्तानी एजेंसियों ने आतंक के पुराने गढ़ों को फिर से जिंदा करने का साजिश रची है। इसके तहत 1990 के दशक में आतंकवाद के लिए कुख्यात डोडा और किश्तवाड़ में आतंकियों की सक्रियता बढ़ गई है। पाकिस्तानी सेना द्वारा राजोरी, पुंछ और नौशेरा इलाके में लगातार सीजफायर का उल्लंघन सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, जिसके तहत जम्मू संभाग के इन इलाकों को भी अशांत करने की रणनीति है। सेना को पाकिस्तानी एजेंसियों की साजिश के बाबत ठोस इनपुट मिले हैं।
सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जम्मू संभाग में एलओसी पर लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर पाकिस्तानी सेना ध्यान बंटाने की कोशिश कर रही है। बारामुला सेक्टर में पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों की एक खेप की घुसपैठ कराई है। उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर में पाकिस्तानी और कश्मीर के सक्रिय आतंकियों की संख्या 300 से अधिक है।
इसमें हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शामिल हैं। आतंकियों के इन गुटों को कश्मीर में बड़े हमले के आदेश पाकिस्तान से मिले हैं। सेना ने ऐसे संदेशों को पकड़ा है। सेना का मानना है कि राजोरी, पुंछ और नौशेरा में गोलाबारी के क्रम में कश्मीर में बड़े हमले हो सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक सर्च आपरेशन चलाकर आतंकियों को समाप्त करने की रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है।
आतंकियों के बारे में इकठ्ठा की जा रही है जानकारी
सूत्रों के मुताबिक कश्मीर में बिगड़े हालात के बीच जम्मू संभाग में मुसलमानों की अधिक आबादी वाले इलाकों में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की भी साजिश रची गई है। पाकिस्तानी एजेंसियों की इस साजिश के इनपुट मिलने के बाद राजोरी, पुंछ और किश्तवाड़ में एहतियात बरती जा रही है। किश्तवाड़ में पहले भी दंगे हो चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों और उपद्रवियों के ओवरग्राउंड वर्करों के बारे में सूचनाएं एकत्र कर रही हैं।
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