सेना की रेकी के लिए आतंकियों ने शुरू किया बच्चों का इस्तेमाल, पकड़े जाने से हुआ खुलासा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीओके में तैनात आतंकी अब घुसपैठ से पहले सेना की रेकी के लिए बच्चों का इस्तेमाल करने लगे हैं। रविवार देर रात पीओके की तरफ से एलओसी पार कर भारतीय सीमा में घुसे एक बच्चे के पकड़े जाने के बाद यह खुलासा हुआ है।
सेना ने माल्टी सेक्टर में देर रात नियंत्रण रेखा पर फेंसिंग के आगे संदिग्ध हालत में घूमते एक बच्चे को पकड़ा। बच्चे ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसे कुछ अंकल ने सामान लाने के लिए इस तरफ भेजा था। फिलहाल सोमवार को बच्चे को पुलिस को सौंप दिया गया है। बच्चे की शिनाख्त मोहम्मद अब्दुल्ला (8) पुत्र मुन्ना निवासी दिगवार (पीओके) रूप में हुई है।
पुंछ के पुलिस कप्तान अनवर उल हक ने बताया कि एलओसी के पास पकड़े गए इस बच्चे ने बताया है कि वह दिगवार का रहने वाला है। सैन्य अधिकारियों ने सोचा कि वह भारत के दिगवार इलाके का रहने वाला है, इसलिए उन्होंने बच्चा पुलिस को सौंप दिया। लेकिन, जब पुलिस ने बच्चे से पूछताछ की गई तो पता चला कि वह पीओके के दिगवार का रहने वाला है। हालांकि बच्चे के बार-बार बयान बदलने से पुलिस भी भ्रमित है। पुलिस का कहना है कि बच्चा कभी गलती से सीमा पार करने की बात कहता है तो कभी कहता है कि उस पार से कुछ अंकल ने इस तरफ सामान लाने को भेजा था।
बच्चे से संवेदनशीलता के साथ पूछताछ
एसपी ने कहा कि अब्दुल्ला अभी सात-आठ साल का है। इसलिए पुलिस उससे संवेदनशीलता के साथ पूछताछ कर रही है, ताकि वह उस पार के किसी संपर्क के बारे में कोई जानकारी दे और उसे उसके घर भेजा जा सके।
बढ़ सकती हैं सीमा पर दिक्कतें
सात-आठ अंकलों ने इस पार भेजा