'जम्मू-कश्मीर में हो सकता है पेशावर जैसा हमला'
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पेशावर के आर्मी स्कूल की तरह जम्मू-कश्मीर के स्कूल भी आतंकी संगठनों के निशाने पर हैं। आतंकी किसी भी समय स्कूलों जैसे साफ्ट टारगेट पर हमला बोल सकते हैं। ऐसे इनपुट सेना के पास हैं और हमलों को रोकने के लिए सेना ने बाकायदा रणनीति बना ली है।
व्हाइट नाइट कोर के जनरल आफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल केएच सिंह ने सैन्य दिवस पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, ‘हमारे पर इनपुट हैं कि सीमा पार बैठे आतंकी संगठन साफ्ट स्थानों को टारगेट बना सकते हैं। इनमें स्कूल, सैन्य शिविर और रिहायशी इलाके मुख्य हैं।’
पेशावर के आर्मी स्कूल में हमला कर 142 नन्हें बच्चों को मारने वाले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के भारत में घुसने की धमकियों पर जीओसी ने कहा कि अभी टीटीपी के इनपुट नहीं हैं, लेकिन वे इसे नजरअंदाज भी नहीं कर रहे। ओसी ने स्वीकार किया कि वीवीआईपी दौरों से पहले आतंकी इस तरह की वारदातों को अंजाम देने की अकसर कोशिश करते हैं।
गणतंत्र दिवस समारोह में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के शामिल होने को ध्यान में रखते हुए आतंकी विश्व का ध्यान खींचने के लिए घिनौनी हरकतें कर सकते हैं।
पीओके में बनाए गए वार रूम में बन रही रणनीति
जीओसी ने बताया कि, पीओके में बाकायदा वार रूम बनाए गए हैं। आईएसआई की देखरेख में चलने वाले इन वार रूम में पाक सेना और आतंकी संगठन मिलकर रणनीति बना रहे हैं। इन्हें पाक सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक मदद बढ़ाने के भी इनपुट हैं।
जीओसी ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान तालिबान को भारत में धकेलने का प्रयास कर सकता है, क्योंकि अपने द्वारा पाले-पोसे इस आतंकी संगठन से अब पाक भी तंग आ चुका है। सेना को ऐसे इनपुट मिले हैं कि पाक के आतंकी संगठन कश्मीर के पढ़े लिखे युवाओं को अपना टारगेट बनाने में जुटे हैं।
इसके खिलाफ सेना अलग अभियान चला रही है। लाइन आफ कंट्रोल (एलओसी) को छोड़ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आतंकियों और पाक सेना के बढ़ते हमलों के संबंध में पूछे जाने पर जीओसी ने कहा कि इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन वे किसी भी समय टारगेट प्वाइंट बदल लेते हैं।
हाफिज सईद के सीमा पर पहुंचने के बारे में उन्होंने कहा कि डेढ़ माह पहले ऐसी सूचना थी कि हाफिज ने सीमा पर आतंकियों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की है, लेकिन वह घुसपैठ करवाने में असफल रहा है।
एलओसी के पास आतंकी कैंप सक्रिय
पीर पंजाल क्षेत्र में एलओसी के पार 14-15 आतंकी कैंप सक्रिय हैं। पुंछ से लेकर अखनूर तक लगभग दो सौ आतंकी किसी भी समय भारतीय सीमा में घुसने के लिए लांचिंग पैड पर इंतजार कर रहे हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल के अनुसार भारतीय सीमा में भी 37 आतंकियों के होने की सूचना है, लेकिन सेना की सख्ती के कारण वे अंडरग्राउंड हैं। इसके अलावा कुछ ओवरग्राउंड वर्कर भी हैं, जिन पर नजर रखी जा रही है।
उन्होंने कहा किवर्ष 2014 में पुंछ से लेकर अखनूर तक घुसपैठ के 15 प्रयास हुए, लेकिन सेना ने सभी को नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा कि सेना की सख्ती के कारण आतंकी बैकफुट पर जाने को मजबूर हुए हैं।
लेकिन किसी भी समय वह घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं, जिसके लिए सेना सतर्क है।