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आतंकी रच रहे अमरनाथ यात्रा में खलल की साजिश

Sat, 04 Jun 2016 10:49 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Sat, 04 Jun 2016 10:49 PM IST
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terrorist can attack during amarnath yatraa
बाबा बर्फानी - फोटो : Amar Ujala
कश्मीर घाटी में लगातार आपरेशनों में हो रही आतंकियों की मौत से बौखलाए आतंकी संगठन अब अनंतनाग जिले में होने वाले चुनाव और जुलाई में होने वाली अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं।
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बिजबिहाड़ा में हिजबुल का आतंकी हमला, तीन जवान शहीद। तुरंत बाद पाकिस्तान को महबूबा की जबरदस्त फटकार, फिर कुछ ही घंटे बाद मुख्यमंत्री के चुनाव क्षेत्र में ही पुलिस टीम पर हमला, दो शहीद।
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कश्मीर में आतंक का यह बिलकुल नया चेहरा है। आतंकी अमूमन पुलिस वालों को निशाना नहीं बनाते थे, लेकिन पिछले तेरह दिनों में आतंकी हमलों में छह पुलिस वालों की जान जा चुकी है।
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कमजोर पड़ते लोकल नेटवर्क से आतंकी आकाओं के होश उड़े

terrorist can attack during amarnath yatraa
आतंकवादी - फोटो : Demo. Pic.
अनंतनाग में दो बार तारीख बदलने के बाद अब 22 जून को उपचुनाव है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती खुद उम्मीदवार हैं। उनका जीतना भी लगभग तय है, लेकिन पाकिस्तान और उसके पोषित आतंकी संगठनों को महबूबा के तेवर रास नहीं आ रहे। महबूबा ने पहले तो पाकिस्तान को लताड़ा, फिर अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर जम्मू से श्रीनगर पहुंचकर शहीद जवानों को श्रद्घांजलि अर्पित की। यह देख तंजीमें बुरी तरह से बौखला उठी हैं।

अलगाववादी पहले ही चुनाव के बहिष्कार का एलान और अपील कर चुके हैं। आतंकी और अलगाववादी संगठन चुनाव में खलल डालने की हर मुमकिन साजिश कर रहे हैं। अपनी कोशिशों में लगातार मिल रही नाकामी और घाटी में कमजोर पड़ते लोकल नेटवर्क ने भी आतंकी आकाओं के होश उड़ा रखे हैं।

पुलिस पर हो रहे ताबड़तोड़ हमले भी इसी साजिश का हिस्सा हैं। सनद रहे कि अनंतनाग जिले में ही अमरनाथ यात्रा का बेस कैंप पहलगाम है। दोनों हमले यात्रा मार्ग पर हुए हैं। यात्रा को निशाना बनाने की साजिशों के इनपुट भी लगातार मिल ही रहे हैं।

​सरकार के सामने पहली बड़ी चुनौती तो उप चुनाव कामयाबी से कराना है। इसके बाद यात्रा की सुरक्षा भी बड़ा टास्क है। पिछले कुछ महीनों में घुसपैठ की कोशिशों और आतंकी हमलों में खासा इजाफा हुआ है।

इस वर्ष कई बार सुरक्षा बलों को आतंक‌ियों ने बनाया न‌िशाना

terrorist can attack during amarnath yatraa
terrorist - फोटो : FILE
6 जनवरी - अनंतनाग जिले के मोमिनाबाद में सीआरपीएफ कैंप पर ग्रेनेड हमला।
20 फरवरी - पांपोर में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला। 48 घंटे तक चलीमुठभेड़। सेना के 2 कैप्टन, 1 लांस नाइक, 3 सीआरपीएफ के जवान शहीद।
11 मार्च- पुलवामा में सीआरपीएफ बंकर पर हमला।
26 मार्च- बिजबिहाड़ा में पुलिस स्टेशन के बाहर सेना की पार्टी पर हमला। 2 जवान और एक नागरिक घायल।
8 अप्रैल- बिजबिहाड़ा में सेना के काफिले पर ग्रेनेड हमला। 2 स्थानीय नागरिक घायल।
28 अप्रैल- अनंतनाग जिले के शेर बाघ पुलिस पोस्ट पर ग्रेनेड हमला।
6 मई- बडगाम जिले के चडूरा में ग्रेनेड हमला। 3  पुलिस कर्मी और एक स्थानीय महिला घायल।
23 मई- श्रीनगर में जम्मू कश्मीर पुलिस के ऊपर 2 हमले। एक एएसआई सहित 3 पुलिसकर्मी शहीद।
25 मई- पुलवामा में पूर्व विधायक के पीएसओ पर हमला। पीएसओ घायल, एक पुलिसकर्मी शहीद।
3 जून- अनंतनाग के बिजबिहाड़ा में बीएसएफ के काफिले पर आतंकी हमला। 3 जवान हुए शहीद।
4 जून- अनंतनाग के बस स्टैंड में पुलिस पार्टी पर आतंकी हमला। एक एएसआई सहित 2 पुलिसकर्मी शहीद।
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