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Exclusive: सर्जिकल स्ट्राइक में जहां घुसकर मारा, वहां फिर सिर उठाने लगे आतंकी
अजय मीनिया,अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 22 Feb 2017 07:18 PM IST
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मोर्चा संभाले सेना के जवान
- फोटो : File Photo
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कई महीने गायब होने के बाद आतंकी फिर वहीं सक्रिय हो गए हैं, जहां भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर कई आतंकियों को मार गिराया था। राजोरी जिले के केरी सेक्टर में हुए घुसपैठ के बड़े प्रयास से साफ हो गया है कि आतंकियों की सक्रियता फिर से इन इलाकों में बढ़ गई है। आतंकियों ने इन इलाकों में फिर सिर उठाना शुरू कर दिया है।
सूत्रों का कहना है कि भारतीय सेना ने पुंछ जिले के मेंढर, राजोरी के केरी सेक्टर और उड़ी इलाके की एलओसी पर पीओके में घुसकर आतंकियों को मारा था। इसमें 50 से अधिक आतंकियों को मारने का दावा किया गया था, लेकिन इन इलाकों में फिर से आतंकी सक्रिय हो गए हैं।
सूत्रों का यह भी कहना है कि पुंछ और राजोरी जिले की एलओसी पर 50 से अधिक आतंकी फिर से सक्रिय हो गए हैं। जो इन इलाकों में बनाए गए बंकरों में रहकर परीक्षण ले रहे हैं। इन्हीं में से कुछ आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की।
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दरअसल, 29 नवंबर, 2016 को रामगढ़ सेक्टर में घुसपैठ करते तीन आतंकी ढेर कर दिए गए थे। इसके बाद से लगातार आतंकी घुसपैठ का प्रयास कर रहे हैं। अब तक 11 बार बार्डर और 15 बार एलओसी पर घुसपैठ की कोशिश हो चुकी है।
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सूत्रों का कहना है कि भारतीय सेना ने पुंछ जिले के मेंढर, राजोरी के केरी सेक्टर और उड़ी इलाके की एलओसी पर पीओके में घुसकर आतंकियों को मारा था। इसमें 50 से अधिक आतंकियों को मारने का दावा किया गया था, लेकिन इन इलाकों में फिर से आतंकी सक्रिय हो गए हैं।
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सूत्रों का यह भी कहना है कि पुंछ और राजोरी जिले की एलओसी पर 50 से अधिक आतंकी फिर से सक्रिय हो गए हैं। जो इन इलाकों में बनाए गए बंकरों में रहकर परीक्षण ले रहे हैं। इन्हीं में से कुछ आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की।
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दरअसल, 29 नवंबर, 2016 को रामगढ़ सेक्टर में घुसपैठ करते तीन आतंकी ढेर कर दिए गए थे। इसके बाद से लगातार आतंकी घुसपैठ का प्रयास कर रहे हैं। अब तक 11 बार बार्डर और 15 बार एलओसी पर घुसपैठ की कोशिश हो चुकी है।
केमिकल आतंकियों का बड़ा हथियार बना
मुठभेड़ के दौरान मोर्चा संभाले सेना के जवान
- फोटो : FILE PHOTO
आतंकियों ने हमला करने की नीति में बड़ा बदलाव किया है। उड़ी में सैन्य कैंप पर हुए हमले को लगातार आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है। अब तक आतंकियों ने जितने भी बड़े हमले किए हैं, वे अपने साथ केमिकल लेकर आए हैं। इस केमिकल का इस्तेमाल आग लगाने में किया जाता है।
आतंकियों की नई रणनीति में हमला करने के साथ अधिक से अधिक आग लगाने की कोशिश है। ऐसा अखनूर के ज्यौड़ियां में भी देखा गया। जब ग्रेफ कर्मियों पर हमला किया गया।
आतंकियों की नई रणनीति में हमला करने के साथ अधिक से अधिक आग लगाने की कोशिश है। ऐसा अखनूर के ज्यौड़ियां में भी देखा गया। जब ग्रेफ कर्मियों पर हमला किया गया।