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Jammu News: जम्मू संभाग के आतंकवाद मुक्त जिलों में दहशत फैलाने के लिए भेजे जा रहे आतंकी
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- रियासी, कठुआ, डोडा, भद्रवाह और उधमपुर में हुए हमले इसी साजिश का हिस्सा
- सीमा पार से घुसे आतंकियों के अलग-अलग समूह इन जिलों में सक्रिय
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सीमा पार से जम्मू संभाग के आतंकवाद मुक्त जिलों को जान-बूझकर निशाना बनाया जा रहा है, ताकि वैश्विक स्तर पर यह बताया जा सके कि ये जिले आतंकवाद मुक्त नहीं हैं। पिछले एक महीने में रियासी, कठुआ, डोडा, भद्रवाह और उधमपुर में हुए हमले इसी साजिश का हिस्सा हैं। इस साजिश को सीमा पार से भेजे गए आतंकियों को अलग-अलग समूह में बांटकर हर एक जिले में भेजा गया है। पूर्व में पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने किश्तवाड़, रामबन, डोडा, उधमपुर, रियासी, कठुआ आतंक मुक्त करार दिया था।
सैन्य सूत्रों के अनुसार, कठुआ के हीरानगर से करीब एक महीना पहले 18 से 20 आतंकियों ने घुसपैठ की थी। ये आतंकी तीन से चार की संख्या में अलग-अलग बंट गए। इसी समूह के आतंकियों ने उधमपुर के बसंतगढ़, हीरानगर, डोडा, भलेसा और फिर कठुआ में हमला किया। जबकि पहले से राजोरी-पुंछ और रियासी में मौजूद आतंकियों ने रियासी में बस पर हमला किया। इस तरह से जम्मू संभाग के उन सभी जिलों में आतंकी हमले हुए, जहां पर सेना को कम किया गया था।
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शांतिपूर्ण लोस चुनाव से
बौखलाया पाकिस्तान
सेना के पूर्व कर्नल सुशील पठानिया का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव सफलतापूर्वक हुआ है। कश्मीर में भी बंपर मतदान हुआ। केंद्र सरकार और चुनाव आयोग ने विश्व स्तर पर साबित किया कि कश्मीर की जनता भारत के लोकतंत्र में विश्वास रखती है। चुनाव के दौरान कोई बड़ी आतंकी घटना नहीं हुई। इससे भी विश्व में संदेश दिया गया कि आतंकवाद की परवाह किए बिना लोग मतदान करने पहुंचे। पाकिस्तान को यह सब रास नहीं आ रहा, इसलिए लगातार आतंकी हमले करवा रहा है।
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कश्मीर से दबाव कम करने का भी प्रयास
पूर्व ब्रिगेडियर विजय सागर का कहना है कि जम्मू के शांत इलाकों से सुरक्षा बलों को हटाकर कश्मीर में भेजा गया, जिसका भी असर दिखा। वहां आतंकवाद पर शिकंजा कसा गया है। अब घाटी में आतंकियों पर दबाव है। कुछ कर नहीं पा रहे, इसलिए कश्मीर का दबाव कम करने के लिए जम्मू में हमले कर रहे हैं।
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- सीमा पार से घुसे आतंकियों के अलग-अलग समूह इन जिलों में सक्रिय
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सीमा पार से जम्मू संभाग के आतंकवाद मुक्त जिलों को जान-बूझकर निशाना बनाया जा रहा है, ताकि वैश्विक स्तर पर यह बताया जा सके कि ये जिले आतंकवाद मुक्त नहीं हैं। पिछले एक महीने में रियासी, कठुआ, डोडा, भद्रवाह और उधमपुर में हुए हमले इसी साजिश का हिस्सा हैं। इस साजिश को सीमा पार से भेजे गए आतंकियों को अलग-अलग समूह में बांटकर हर एक जिले में भेजा गया है। पूर्व में पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने किश्तवाड़, रामबन, डोडा, उधमपुर, रियासी, कठुआ आतंक मुक्त करार दिया था।
सैन्य सूत्रों के अनुसार, कठुआ के हीरानगर से करीब एक महीना पहले 18 से 20 आतंकियों ने घुसपैठ की थी। ये आतंकी तीन से चार की संख्या में अलग-अलग बंट गए। इसी समूह के आतंकियों ने उधमपुर के बसंतगढ़, हीरानगर, डोडा, भलेसा और फिर कठुआ में हमला किया। जबकि पहले से राजोरी-पुंछ और रियासी में मौजूद आतंकियों ने रियासी में बस पर हमला किया। इस तरह से जम्मू संभाग के उन सभी जिलों में आतंकी हमले हुए, जहां पर सेना को कम किया गया था।
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शांतिपूर्ण लोस चुनाव से
बौखलाया पाकिस्तान
सेना के पूर्व कर्नल सुशील पठानिया का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव सफलतापूर्वक हुआ है। कश्मीर में भी बंपर मतदान हुआ। केंद्र सरकार और चुनाव आयोग ने विश्व स्तर पर साबित किया कि कश्मीर की जनता भारत के लोकतंत्र में विश्वास रखती है। चुनाव के दौरान कोई बड़ी आतंकी घटना नहीं हुई। इससे भी विश्व में संदेश दिया गया कि आतंकवाद की परवाह किए बिना लोग मतदान करने पहुंचे। पाकिस्तान को यह सब रास नहीं आ रहा, इसलिए लगातार आतंकी हमले करवा रहा है।
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कश्मीर से दबाव कम करने का भी प्रयास
पूर्व ब्रिगेडियर विजय सागर का कहना है कि जम्मू के शांत इलाकों से सुरक्षा बलों को हटाकर कश्मीर में भेजा गया, जिसका भी असर दिखा। वहां आतंकवाद पर शिकंजा कसा गया है। अब घाटी में आतंकियों पर दबाव है। कुछ कर नहीं पा रहे, इसलिए कश्मीर का दबाव कम करने के लिए जम्मू में हमले कर रहे हैं।