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नगरोटा हमला: तरल विस्फोटक से तबाही मचाना चाहते थे आतंकी

Thu, 01 Dec 2016 04:18 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Thu, 01 Dec 2016 04:18 PM IST
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terrorirsts may have created big explosions by liquid explosives
बड़ूी आतंकी साजिश का खुलासा - फोटो : demo

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रामगढ़ सेक्टर में मारे गए आतंकी अपने साथ तरल विस्फोटक (लिक्विड आईईडी) लेकर आए थे। उनके हमले का डिजाइन देखकर बीएसएफ भी हैरान है। पांच बोतलों में भरा तरल विस्फोटक पदार्थ न सिर्फ भीषण विस्फोट करता है, बल्कि आग लगाने में भी काम आता है। और तो और इसे पहचान कर पकड़ पाना भी बेहद मुश्किल है।

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बीएसएफ के स्पेशल डीजी (पश्चिमी कमान) अरुण कुमार के अनुसार आतंकी बड़े और खौफनाक हमले की तैयारी के साथ आए थे, जिन्हें एन मौके पर ढेर कर दिया गया। आईजी बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर डीके उपाध्याय ने बताया कि पांच लिक्विड आईईडी में ट्रिनिट्रोग्लाइसरीन पाया गया है।
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इसका इस्तेमाल डायनामाइट, विस्फोटक उपकरण और जहर बनाने के लिए किया जाता है। जम्मू-पठानकोट रेलवे ट्रैक की अंतरराष्ट्रीय सीमा से दूरी महज 20 किलोमीटर की है। ऐसे में आतंकियों के लिए रेलवे ट्रैफिक को निशाना बनाना साफ्ट टारगेट हो सकता है। आतंकियों से दस हथकड़ियां भी बरामद हुई हैं। इससे प्रतीत होता है कि वे बंधक बनाने की घटना को भी अंजाम दे सकते थे।

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सेना के साजोसामान ढोने वाली ट्रेनें निशाने पर

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आतंकी - फोटो : Demo Pic.

सेना के साजोसामान ढ़ोने वाली ट्रेनें आतंकियों के निशाने पर हैं। सांबा में बार्डर इलाके में मारे गए आतंकियों के निशाने पर रेलवे ट्रैक था। आमतौर पर आतंकी यात्री ट्रेनों को निशाना नहीं बनाते हैं लेकिन आतंकियो के पास से आतंकियों के पास से 5 चेन आईईडी बरामद की गई थीं।

यह आईईडी अधिकतर रेलवे ट्रैक को उड़ाने में इस्तेमाल की जाती है। सुरक्षा एजेंसियोँ को आशंका है किआतंकी पहले सेना से साजोसामान ढ़ोने वाली ट्रेन को उड़ाना चाहते थे। लेकिन यह साजिश नाकाम हो गई।

बीएसएफ ने आतंकियों को बार्डर के पास ही ढ़ेर कर दिया। सेना के तमाम साजोसामान, टैंक, ट्रक, जीपें, तोपें और अन्य हथियार ट्रेन से जम्मू तक आते हैं और यहीं से इन्हें कश्मीर भी भेजा जाता है।

रेलमार्ग से आता है सेना की आपूर्तियों का सामान

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जम्मू के पास बाड़ी ब्राह्मणा में इसके लिए अलग यार्ड है। बाड़ी ब्राह्मणा का यह यार्ड सांबा और जम्मू के रास्ते पर ही है। संभव है कि सांबा के बार्डर इलाके से दाखिल हुए आतंकियों का निशाना यह सेंटर भी रहा हो। जम्मू कश्मीर में आर्मी को मिलने वाले हथियारों से लेकर खाने-पीने का सामान तक ट्रेनों में लाया जाता है।

साथ ही हर एक ट्रेन में सेना के काफी जवान मौजूद रहते हैं। सूत्रों का कहना है कि इस हमले के बाद रेलवे की सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई है। खासकर रेलवे ट्रैक की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है, ताकि ट्रैक को ऐसे हमलों से बचाया जा सके। 

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