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पागल कुत्ते का आतंक, पचास से ज्यादा लोग काटे

Wed, 13 Jan 2016 10:35 PM IST
Updated Wed, 13 Jan 2016 10:35 PM IST
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terror of the mad dog in jammu

शहर में हलकाए कुत्ते ने एक के बाद एक पचास से अधिक लोगों को काट खाया। कुत्ता जहां से गुजरता गया, वहीं रास्ते में आने वाले हर शख्स पर उसने हमला किया। इसमें एक युवती के तो चेहरे पर बुरी तरह से काट खाया।

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युवती को मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इतने लोगों को काटने के बाद कुत्ते को बड़ी मुश्किल से लोगों ने मार दिया। नहीं तो कई और उसका शिकार बन जाते। घायल होने वाले लोगों के चेहरों पर कुत्ते का खौफ साफ दिख रहा था।
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सुबह अंबफला से कुत्ते का आतंक शुरू हुआ। यहां उसने कई लोगों को काटा। इसके बाद कुत्ता अंबफला से रिहाड़ी, बख्शी नगर, मेडिकल कालेज अस्पताल, फिर इसके बाद कच्ची छावनी तक भागता हुआ पहुंचा।
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इस बीच उसने जीएमसी में एक एनओ, नर्स और दो मरीजों को काटा। इससे पहले उसने इन सभी जगहों पर पचास से अधिक लोगों को काट खाया। श्रीनगर की रहने वाली आसमा मुज्जफर अंबला में खड़ी थी।

उनकी टांग से कुत्ते ने इतना बुरी तरह से काटा कि मांस ही बाहर निकल गया। मोहम्मद गयास, रिहाड़ी के जीत कुमार, बख्शी नगर के बोध राज, सांबा की संतोष कुमारी, बख्शी नगर के राकेश शर्मा आदि कुत्ते के शिकार बने।

उस्ताद मोहल्ले में मार गिराया

terror of the mad dog in jammu

मेडिकल कालेज अस्पताल में कुत्ता ओपीडी में घुस गया। यहां उसने मरीजों और स्टाफ को काटा। इसके बाद वह वहां से भाग गया और उस्ताद मोहल्ले की तरफ पहुंचा। कुत्ते के पीछे कई लोग लगे हुए थे। उन्होंने कुत्ते को उस्ताद मोहल्ले में मार गिराया। उस्ताद मोहल्ले और कच्ची छावनी में भी उसने कई लोगों को काट खाया।

एंटी रैबीज सेक्शन में लगा जमावड़ा

जीएमसी के एंटी रैबीज सेक्शन में एक घंटे के भीतर दो दर्जन से अधिक लोग कुत्ते से काटने पर पहुंचे। इनमें एक युवती की हालत काफी गंभीर थी। इसके अलावा अन्य लोगों की टांगों पर कुत्ते ने हमला किया और काफी बुरी तरह से काटा। कुत्ते के काटने से घायल होने वालों की संख्या इतनी थी कि एक का उपचार करने के बाद दूसरे का नंबर आधे घंटे बाद आ रहा था।

पर्याप्त उपचार न मिलने पर भड़के
एंटी रैबीज सेक्शन में पर्याप्त उपचार न मिलने पर घायलों ने रोष प्रकट किया। सांबा की रहने वाली संतोष कुमारी ने कहा कि उनके जख्म को धोने में ही कितना समय लगा दिया। यहां तक कि उनको शौचालय में जाकर अपने जख्म को साबुन से धोना पड़ा।

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