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Jammu News: तवी की गोद में नहीं बैठेगी गंदगी, 18 नाले बंद करने के लिए 83.36 करोड़ किए जा रहे हैं खर्च
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। नगर निगम और शहरी पर्यावरण इंजीनियरिंग विभाग (यूईईडी) सूर्य पुत्री तवी में गिरने वाले 18 नाले बंद करेगा। इसके लिए 83.36 करोड़ खर्च किए रहे हैं। मई, 2024 के बाद 90 प्रतिशत तवी साफ होने का दावा है। परियोजना के तहत घरों और नालों की गंदगी नालों में नहीं पहुंचेगी। गंदगी को पहले ही एकत्रित कर बेलीचराना और भगवती नगर में खाद्य के रूप में तबदील किया जाएगा। अभी तक 49 करोड़ का काम पूरा हो चुका है जिसे तवी के बाई तरफ से किया गया है। 9.39 करोड़ के काम चल रहे हैं और 24.97 करोड़ के लिए जल्द टेंडर होंगे। आला अधिकारियों के अनुसार मार्च तक काम खत्म होने की उम्मीद है।
तवी में गोरखा नगर, राजीव नगर, पुंछी, कासिम नगर से (बाईं तरफ) पांच नाले और धोंथली, जुल्लाका मोहल्ला, पीरखो, पीरखो मेन, गुज्जर नगर, जोगी गेट, प्रेम नगर, क्रिश्चियन कॉलोनी, गुज्जर नगर, कृष्णा नगर, भगवती नगर, फोर्थ ब्रिज से (दाईं तरफ) 13 नाले गिरते हैं। गोरखा नगर से गंदगी बेलीचराना जाएगी। वहीं, बाई तरफ का कार्य समाप्त हो चुका है। बाहु फोर्ट, गोरखा नगर, कासिम नगर व राजीव नगर में 25 किमी तक सीवरेज डाला है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बेलीचराना में लगाया जा रहा है जिसके लिए तवी के पास 3 प्लांट बनाए गए हैं।
दावा है कि दाई तरफ के 13 नालों में से 6 पर काम चल रहा है और 4 का टेंडर बाकी है। नालों की गंदगी को भगवती नगर के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक लाया जाएगा और वहां से ट्रीटेड पानी को अन्य काम के लिए इस्तेमाल में लाने की योजना है। यह काम मई में पूरा होने की संभावना है।
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तवी को साफ रखने के लिए काफी संघर्ष किया। किसी जगह पर सीवरेज लाइन में लीकेज है। नगरोटा बाईपास के पास रहने वाले लोग आज भी गंदगी नदी में बहा रहे हैंं। सरकार को जल्द समस्या को खत्म करना चाहिए।
चंद्र मोहन शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता
परियोजना पूरी होने के बाद तवी 90 प्रतिशत साफ हो जाएगी। 10 प्रतिशत सफाई आम जनता के हाथ में है।
-विजय सिंह मन्हास, कार्यकारी इंजीनियर, शहरी पर्यावरण इंजीनियरिंग विभाग
तवी रीवर फ्रंट और आर्टिफिशयल लेक के लिए यह काम जरूरी था इसलिए प्राथमिकता पर रखा।
-राहुल यादव, आयुक्त नगर निगम
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जम्मू। नगर निगम और शहरी पर्यावरण इंजीनियरिंग विभाग (यूईईडी) सूर्य पुत्री तवी में गिरने वाले 18 नाले बंद करेगा। इसके लिए 83.36 करोड़ खर्च किए रहे हैं। मई, 2024 के बाद 90 प्रतिशत तवी साफ होने का दावा है। परियोजना के तहत घरों और नालों की गंदगी नालों में नहीं पहुंचेगी। गंदगी को पहले ही एकत्रित कर बेलीचराना और भगवती नगर में खाद्य के रूप में तबदील किया जाएगा। अभी तक 49 करोड़ का काम पूरा हो चुका है जिसे तवी के बाई तरफ से किया गया है। 9.39 करोड़ के काम चल रहे हैं और 24.97 करोड़ के लिए जल्द टेंडर होंगे। आला अधिकारियों के अनुसार मार्च तक काम खत्म होने की उम्मीद है।
तवी में गोरखा नगर, राजीव नगर, पुंछी, कासिम नगर से (बाईं तरफ) पांच नाले और धोंथली, जुल्लाका मोहल्ला, पीरखो, पीरखो मेन, गुज्जर नगर, जोगी गेट, प्रेम नगर, क्रिश्चियन कॉलोनी, गुज्जर नगर, कृष्णा नगर, भगवती नगर, फोर्थ ब्रिज से (दाईं तरफ) 13 नाले गिरते हैं। गोरखा नगर से गंदगी बेलीचराना जाएगी। वहीं, बाई तरफ का कार्य समाप्त हो चुका है। बाहु फोर्ट, गोरखा नगर, कासिम नगर व राजीव नगर में 25 किमी तक सीवरेज डाला है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बेलीचराना में लगाया जा रहा है जिसके लिए तवी के पास 3 प्लांट बनाए गए हैं।
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दावा है कि दाई तरफ के 13 नालों में से 6 पर काम चल रहा है और 4 का टेंडर बाकी है। नालों की गंदगी को भगवती नगर के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक लाया जाएगा और वहां से ट्रीटेड पानी को अन्य काम के लिए इस्तेमाल में लाने की योजना है। यह काम मई में पूरा होने की संभावना है।
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तवी को साफ रखने के लिए काफी संघर्ष किया। किसी जगह पर सीवरेज लाइन में लीकेज है। नगरोटा बाईपास के पास रहने वाले लोग आज भी गंदगी नदी में बहा रहे हैंं। सरकार को जल्द समस्या को खत्म करना चाहिए।
चंद्र मोहन शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता
परियोजना पूरी होने के बाद तवी 90 प्रतिशत साफ हो जाएगी। 10 प्रतिशत सफाई आम जनता के हाथ में है।
-विजय सिंह मन्हास, कार्यकारी इंजीनियर, शहरी पर्यावरण इंजीनियरिंग विभाग
तवी रीवर फ्रंट और आर्टिफिशयल लेक के लिए यह काम जरूरी था इसलिए प्राथमिकता पर रखा।
-राहुल यादव, आयुक्त नगर निगम