अब मनमर्जी से नहीं चल सकेंगी टाटा सूमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रियासत में चलने वाली टाटा सूमो अब अपनी मर्जी से नहीं चल सकेंगी। इनके चलने के लिए रूट तय किए जाएंगे और वहीं पर यह चलेंगी। शहर में इनके रुकने के लिए स्टैंड भी बनाए जाएंगे। जल्द ही इसे लेकर एक बैठक होगी और इसमें रूपरेखा तय होगी। परिवहन मंत्री अब्दुल गनी कोहली ने अमर उजाला को इसकी जानकारी दी।
इनके न तो रूट तय हैं, न कोई किराया और न ही यह पता है कि यह चलती कहां से हैं और कहां जाती हैं। अब इस पर शिकंजा कसा जाएगा। जम्मू रियासत के सभी 22 जिलों में टाटा सूमो चलती हैं, जिनकी संख्या चार से पांच हजार के बीच है। लेकिन अपने ही बनाए गए नियमों से यह चल रही हैं।
मंत्री ने कहा कि सभी टाटा सूमो के रूट तय होंगे ताकि एक नियम और कायदे में यह चल सकें। अभी पीक सीजन शुरू हो गया है। बाहरी राज्यों से पर्यटक आना शुरू हो गए हैं। इसलिए पर्यटकों के साथ कोई लूट खसूट न हो, इसलिए इनके रूट तय होंगे।
मेटाडोर अपने परमिट के आधार पर चलेंगी
अपना रूट छोड़ कर दूसरे रूट पर चलने वाली मेटाडोरों की भी खैर नहीं। परिवहन विभाग यातायात पुलिस के साथ मिलकर टीमें गठित करेगा। इसके बाद मेटाडोरों के परमिट चेक किए जाएंगे।
मौजूदा समय में मेटाडोर अपने रूट छोड़ कर उन रूट पर निकल जाते हैं, जहां पर उनको अधिक सवारियां मिलती हैं। इसकी वजह से अन्य रूट के यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। विभाग के पास ऐसी कई शिकायतें आई है।
दस दिन में जीपीएस के टेंडर
मंत्री ने दावा किया है कि अगले दस दिन में वाहनों में जीपीएस लगाने के लिए टेंडर तय कर दिए जाएंगे। कानून मंत्री के पास इसकी टेंडरिंग की मंजूरी को फाइल भेज दी गई है।
दो दिन में उनकी मंजूरी मिलेगी और अगले दस दिन में जीपीएस के टेंडर कर दिए जाएंगे। उम्मीद है कि अगले दो हफ्तों में वाहनों में जीपीएस लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।