जीएमसी पहुंचा स्वाइन फ्लू का मरीज!
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जीएमसी में मंगलवार को एक संदिग्ध स्वाइन फ्लू का मामला पहुंचा। मरीज के खून और थूक के नमूने जांच के लिए दिल्ली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ कम्यूनिकेवल डिसीज में भेजे गए हैं। फरवरी में यह दूसरा मामला है।
नए मामले को मिलाकर अब तक तीन मामले आ चुके हैं, जिसमें दो नेगेटिव आए हैं। दिल्ली सहित अन्य राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने से राज्य में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
जीएमसी के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल के अनुसार स्वाइन फ्लू को लेकर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। चंडीगढ़ में पढ़ाई कर रही उधमपुर निवासी एक बीस वर्षीय युवती को कई दिनों से जुकाम सहित अन्य संक्रमण की शिकायत चल रही थी, जिसके बाद परिवार वाले उसे निजी डाक्टर को दिखाकर जीएमसी पहुंचे।
जहां पीड़ित में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलने पर पर्सनल प्रोटेक्शन किट से उसके खून और थूक के सैंपल लेकर दिल्ली भेजे गए। संदिग्ध मरीज को आइसोलेट करने के लिए जरूरी दवाइयां देकर उसे घर भेज दिया गया है। शहरी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के पहुंचने के साथ ही सभी एहतियात बरती जा रही है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव
स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए जीएमसी के चोपड़ा नर्सिंग होम में आइसोलेट रूम बनाए गए हैं। इस साल जनवरी और फरवरी में तीन मामले आ चुके हैं।
सैंपल के लिए स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू की ओर से जीएमसी प्रशासन को पर्सनल प्रोटेक्शन किट मुहैया करवाई गई हैं। जम्मू के बिश्नाह क्षेत्र के खैरी सरोर गांव के एक निवासी की दिसंबर, 2009 को स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी।
इससे पूर्व सोरा, श्रीनगर में एक महिला की भी इस वायरस की चपेट में आने से जान चली गई थी। उस समय जम्मू संभाग में 60 से ज्यादा लोग स्वाइन फ्लू से पाजिटिव पाए गए थे।
लक्षण
1. अचानक छोटी बीमारियों से सेहत बिगड़ना
2. नियमित खांसी, बुखार या गले में खराश रहना
3. डायरिया, उल्टी और सांस लेने में कठिनाई होना
बचाव
1. संदिग्ध मरीजों से दूरी बनाए रखे और उन्हें आइसोलेट करें
2. खांसते और छींकते समय मुंह व नाक को रुमाल से ढकें