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रियासत में मुख्यमंत्री ने बढ़ाया राज्य मंत्रियों का रुतबा

Sat, 19 Dec 2015 11:49 AM IST
Updated Sat, 19 Dec 2015 11:49 AM IST
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state ministers now have more power in jammu kashmir

रियासत के राज्यमंत्रियों का कद बढ़ गया है। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने उन्हें कई नए अधिकार प्रदान कर दिए हैं। अब राज्य मंत्री स्वतंत्र रूप से अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर तबादला नीति के अनुसार नान गजटेड कर्मचारियों के तबादले मंजूर कर सकते हैं।

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सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इस बाबत निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार राज्य मंत्री अब तीन करोड़ तक के निर्माण कार्य, 15 लाख रुपये तक की एडवांस राशि और जेके मेडिकल अटेंडेंस अलाउंस रूल्स के तहत नान-गजटेड कर्मचारियों को राज्य से बाहर इलाज कराने की मंजूरी दे सकेंगे।
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वे अपने से उच्च पदों का दायित्व संभालने वालों का अलाउंस स्वीकृत करने, राज्य से बाहर नान गजटेड अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को मंजूरी देने, तकनीकी कांफ्रेंस में शामिल होने के लिए प्रतिनियुक्ति को मंजूरी देने, स्टाफ को फेस्टिवल एडवांस मंजूर करने और रिक्त नान गजटेड तथा गजटेड पदों पर भर्ती के लिए सिलेक्शन कमेटी, स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड या पब्लिक सर्विस कमीशन को भेज सकते हैं।
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राज्य मंत्री सरप्लस तथा सेवायोग्य न रहने वाले स्टोर्स के लिए सर्वे कमेटी गठित करने, पुराने वाहनों को कंडम कर उनके स्थान पर उपलब्ध बजट में नए वाहनों की खरीद को मंजूरी देने व जेके फाइनेंसियल कोड के अनुसार ठेकेदारों तथा सप्लायर को ब्लैक लिस्टेड करने के भी अधिकारी होंगे।  विभिन्न कमेटियों की रिपोर्ट को विधानसभा में प्रस्तुत करेंगे।

उन्हें विभाग के कंटीजेंट फंड से स्टेशनरी की स्थानीय खरीद, नान गजटेड कर्मचारियों के इंक्रीमेंट रोकने, समारोह से संबंधित खर्चों को मंजूरी देने, नान गजटेड कर्मचारियों को हाउस बिल्डिंग एडवांस स्वीकृत करने तथा वित्त विभाग की सहमति से कर्मचारियों को मानदेय स्वीकृत करने का अधिकार दिया गया है।

गजटेड अफसरों के तबादले में भी अधिकार

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मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि गजटेड अफसरों के ट्रांसफर तथा नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव राज्य मंत्रियों के जरिये इंचार्ज मंत्री के पास प्रस्तुत करने होंगे।

विकास संबंधी पीपीपी प्रोजेक्ट्स तथा अन्य प्रोजेक्ट्स राज्य मंत्री के जरिये इंचार्ज मंत्री के पास आएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि वैसे सभी फाइल जिसकी मंजूरी इंचार्ज मंत्री से आवश्यक हो वह राज्य मंत्री के जरिये ही आगे बढ़ेंगे।

साथ ही ऐसे फाइलों का निबटारा एक सप्ताह में करना होगा। पिछले दिनों डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह के नेतृत्व में भाजपा के सभी मंत्रियों तथा विधायकों ने मुफ्ती दरबार में गुहार लगाई थी।

उन्होंने राज्य मंत्रियों को अधिकार न दिए जाने का मुद्दा उठाया था। साथ ही भाजपा विधायकों के विकास संबंधी कार्यों में भेदभाव का भी आरोप लगाया था। उस दौरान मुफ्ती ने आश्वस्त किया था कि सारी दिक्कतें दूर की जाएंगी। माना जा रहा है कि भाजपा के कदम के बाद मुख्यमंत्री ने यह फैसला किया है।

ये हैं प्रमुख अधिकार

state ministers now have more power in jammu kashmir

नान गजटेड कर्मचारियों के तबादले को मंजूर करने का अधिकार

तीन करोड़ रुपये तक के निर्माण कार्य को मंजूरी दे सकते हैं

15 लाख रुपये तक के एडवांस राशि को स्वीकृत कर सकते हैं

नान-गजटेड कर्मचारियों के राज्य से बाहर इलाज कराने को मंजूरी

राज्य से बाहर नान गजटेड अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को मंजूरी

स्टाफ को फेस्टिवल एडवांस मंजूर करने का अधिकार

रिक्त नान गजटेड तथा गजटेड पदों पर भर्ती के लिए सिफारिश

ठेकेदारों तथा सप्लायर को ब्लैक लिस्टेड करने का अधिकार दिया गया

नान गजटेड कर्मचारियों के लिए हाउस बिल्डिंग एडवांस की स्वीकृति

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