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पीएम को राज्य के दर्जे पर बोलना चाहिए था : डॉ. फारूक अब्दुल्ला
Tue, 23 Sep 2025 02:41 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Tue, 23 Sep 2025 02:41 AM IST
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श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्र के नाम अपने हालिया संबोधन में जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे पर बात करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जीएसटी की बात कर रहे थे लेकिन बेहतर होता अगर वह हमारे राज्य के दर्जे का भी जिक्र करते।
अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का हर नागरिक राज्य का दर्जा बहाल होने की उम्मीद कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर सुनवाई अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में होनी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ नेशनल कॉन्फ्रेंस ही नहीं सभी को विश्वास है कि हमें अपना राज्य का दर्जा वापस मिलेगा।
यासीन मलिक मामले पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अदालतों का विषय है और फैसला वही करेंगी। वहीं डोडा से आप विधायक मेहराज मलिक की नजरबंदी पर उन्होंने कहा कि उनकी भाषा अनुचित थी लेकिन उन पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) लगाना सही कदम नहीं था। अब्दुल्ला ने कहा कि इस मुद्दे को बातचीत से सुलझाया जा सकता था। लेकिन पीएसए लगाना गलत था।
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उन्होंने कहा कि निर्वाचित सरकार के पास पीएसए हटाने का अधिकार नहीं है, यह उपराज्यपाल के पास निहित है। जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति को उन्होंने तलवार की धार पर चलने जैसा बताया, लेकिन कहा कि हम पीछे नहीं हट सकते। ब्यूरो
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अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का हर नागरिक राज्य का दर्जा बहाल होने की उम्मीद कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर सुनवाई अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में होनी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ नेशनल कॉन्फ्रेंस ही नहीं सभी को विश्वास है कि हमें अपना राज्य का दर्जा वापस मिलेगा।
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यासीन मलिक मामले पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अदालतों का विषय है और फैसला वही करेंगी। वहीं डोडा से आप विधायक मेहराज मलिक की नजरबंदी पर उन्होंने कहा कि उनकी भाषा अनुचित थी लेकिन उन पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) लगाना सही कदम नहीं था। अब्दुल्ला ने कहा कि इस मुद्दे को बातचीत से सुलझाया जा सकता था। लेकिन पीएसए लगाना गलत था।
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उन्होंने कहा कि निर्वाचित सरकार के पास पीएसए हटाने का अधिकार नहीं है, यह उपराज्यपाल के पास निहित है। जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति को उन्होंने तलवार की धार पर चलने जैसा बताया, लेकिन कहा कि हम पीछे नहीं हट सकते। ब्यूरो