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Jammu News: 27 अक्तूबर को होगी गुलमर्ग से संबंधित मामलों की अंतिम सुनवाई
Sun, 21 Sep 2025 02:42 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sun, 21 Sep 2025 02:42 AM IST
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- पट्टे व अन्य मामलाें में सुनवाई स्थगित कर हाईकोर्ट ने आगे की तारीख दी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में पट्टे की अवधि सहित विभिन्न मुद्दों से संबंधित मामलों की अंतिम सुनवाई स्थगित कर दी है। यह अब 27 अक्तूबर को होगी।
मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली और न्यायमूर्ति राजेश ओसवाल की खंडपीठ ने कहा, पिछली सुनवाई की तारीख पर याचिकाकर्ता के विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ता ने हमें सूचित किया था कि यद्यपि ये याचिकाएं वर्षों से लंबित हैं, लेकिन चूँकि सरकार द्वारा इस मामले पर विचार किया जा रहा है, इसलिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई है।
हालाँकि, आज प्रतिवादियों (प्राधिकारियों) के विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि उन्हें ऐसा कोई निर्देश नहीं मिला है और वे मामले पर गुण-दोष के आधार पर बहस करने के लिए तैयार हैं। इसके मद्देनजर, याचिकाकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि मामले को बहस के लिए इस स्पष्ट समझ के साथ स्थगित किया जाए कि आगे कोई स्थगन नहीं मांगा जाएगा।
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इसके बाद, अदालत ने इस साल 27 अक्तूबर तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी। यह जनहित याचिका 2012 में मोहम्मद रफीक जरगर नामक व्यक्ति द्वारा दायर की गई थी, जिसमें गुलमर्ग के नाजुक पर्यावरण की सुरक्षा के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी।
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में पट्टे की अवधि सहित विभिन्न मुद्दों से संबंधित मामलों की अंतिम सुनवाई स्थगित कर दी है। यह अब 27 अक्तूबर को होगी।
मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली और न्यायमूर्ति राजेश ओसवाल की खंडपीठ ने कहा, पिछली सुनवाई की तारीख पर याचिकाकर्ता के विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ता ने हमें सूचित किया था कि यद्यपि ये याचिकाएं वर्षों से लंबित हैं, लेकिन चूँकि सरकार द्वारा इस मामले पर विचार किया जा रहा है, इसलिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई है।
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हालाँकि, आज प्रतिवादियों (प्राधिकारियों) के विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि उन्हें ऐसा कोई निर्देश नहीं मिला है और वे मामले पर गुण-दोष के आधार पर बहस करने के लिए तैयार हैं। इसके मद्देनजर, याचिकाकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि मामले को बहस के लिए इस स्पष्ट समझ के साथ स्थगित किया जाए कि आगे कोई स्थगन नहीं मांगा जाएगा।
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इसके बाद, अदालत ने इस साल 27 अक्तूबर तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी। यह जनहित याचिका 2012 में मोहम्मद रफीक जरगर नामक व्यक्ति द्वारा दायर की गई थी, जिसमें गुलमर्ग के नाजुक पर्यावरण की सुरक्षा के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी।