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Jammu News: एनआरसी दरभंगा व स्कॉस्ट ने जलीय फसल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किया करार
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श्रीनगर। राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र (आईसीएआर-एनआरसीएम) दरभंगा और शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी ऑफ कश्मीर (स्कॉस्ट) के बीच मंगलवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौता ज्ञापन पर आईसीएआर-एनआरसीएम के निदेशक डॉ. नचिकेत कोटवालीवाले और स्कॉस्ट-कश्मीर के कुलपति प्रो. नजीर अहमद गनई ने डीडीजी (इंजीनियरिंग) आईसीएआर नई दिल्ली डॉ. एसएन झा और एनआरसी मखाना दरभंगा, सीआईपीएचईटी लुधियाना और स्कॉस्ट कश्मीर के विभिन्न वैज्ञानिकों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। यह एमओयू पोषण, औषधीय और आर्थिक महत्व की जलीय फसलों जैसे मखाना, कमल और जल भट्टा (वाटर चेस्टनट) के साथ-साथ दोनों संस्थानों के उद्देश्यों के अनुरूप अन्य क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान के लिए अवसर प्रदान करता है।
यह सहयोग दोनों संस्थानों के बीच उन्नत अनुसंधान उपकरण सुविधाओं और वैज्ञानिक विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को सक्षम बनाएगा ताकि चल रहे और भविष्य के अनुसंधान कार्यक्रमों की गुणवत्ता और प्रभाव को बढ़ाया जा सके। आईसीएआर-एनआरसीएम की जलीय फसल अनुसंधान में राष्ट्रीय विशेषज्ञता और स्कॉस्ट के की पहाड़ी और पर्वतीय कृषि में मजबूत नींव को मिलाकर यह साझेदारी उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नवाचार, सतत कृषि विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रयास करती है। संवाद
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इस समझौता ज्ञापन पर आईसीएआर-एनआरसीएम के निदेशक डॉ. नचिकेत कोटवालीवाले और स्कॉस्ट-कश्मीर के कुलपति प्रो. नजीर अहमद गनई ने डीडीजी (इंजीनियरिंग) आईसीएआर नई दिल्ली डॉ. एसएन झा और एनआरसी मखाना दरभंगा, सीआईपीएचईटी लुधियाना और स्कॉस्ट कश्मीर के विभिन्न वैज्ञानिकों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। यह एमओयू पोषण, औषधीय और आर्थिक महत्व की जलीय फसलों जैसे मखाना, कमल और जल भट्टा (वाटर चेस्टनट) के साथ-साथ दोनों संस्थानों के उद्देश्यों के अनुरूप अन्य क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान के लिए अवसर प्रदान करता है।
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यह सहयोग दोनों संस्थानों के बीच उन्नत अनुसंधान उपकरण सुविधाओं और वैज्ञानिक विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को सक्षम बनाएगा ताकि चल रहे और भविष्य के अनुसंधान कार्यक्रमों की गुणवत्ता और प्रभाव को बढ़ाया जा सके। आईसीएआर-एनआरसीएम की जलीय फसल अनुसंधान में राष्ट्रीय विशेषज्ञता और स्कॉस्ट के की पहाड़ी और पर्वतीय कृषि में मजबूत नींव को मिलाकर यह साझेदारी उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नवाचार, सतत कृषि विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रयास करती है। संवाद
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