{"_id":"6a5d9a63940f137c245c430a891e4631","slug":"special-story-on-international-womens-day-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कश्मीर में निखरी, जम्मू में दब रही नारी शक्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीर में निखरी, जम्मू में दब रही नारी शक्ति
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 08 Mar 2015 10:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वर्ष 2003 में राज्य महिला आयोग की तरफ से कश्मीर में एक अध्ययन करने पर यह बात सामने आई कि 30 फीसदी महिलाएं अपने पतियों द्वारा प्रताड़ित होती हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं है। कश्मीर में नारी शक्ति हर क्षेत्र में आगे जा रही है। पिछले कुछ वर्षों पर नजर डालें तो हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी प्रतिभा दिखाई है।
विज्ञापन
कश्मीर में नारी शक्ति निखर कर सामने आई, लेकिन जम्मू में नारी शक्ति दबती जा रही है। महिलाओं पर घरेलू हिंसा के मामलों में इजाफा होता जा रहा है। पुलिस और महिला आयोग के पास आ रहे मामलों से तो यही लगता है। खासकर कश्मीर की राजनीति में महिलाओं ने अपना खासा नाम कमाया है।
विज्ञापन
अकबर जहां बेगम, खालिदा शाह, महबूबा मुफ्ती, शमीमा फिरदोस, आशिया नक्श, सकीना इट्टू, खेम लता वाखलू, शमीमा रैना और द्राक्षा अंद्राबी ने राजनीति में अपना खासा नाम कमाया है। निगम गाश, हीना भट्ट और सारा हयत शाह कश्मीर की राजनीति के उबरते हुए चेहरे हैं, जो भविष्य की तस्वीर माने जा रहे हैं।
विज्ञापन
इसके अलावा सेहरीश असगर ने तीन साल पहले राज्य प्रशासनिक सेवा में टाप किया और दो साल पहले कश्मीर की पहली आईएएस अधिकारी भी बनी। कानून, स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग, पत्रकारिता के क्षेत्र में कश्मीर की महिलाएं आगे जा रही हैं। सेना ने कश्मीर की महिलाओं और युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई प्रोग्राम चलाए हैं।
महिला आयोग की अध्यक्ष शमीमा फिरदोस का कहना है कि अब कश्मीर पहले जैसा नहीं रहा। शिक्षा और नौकरी के मामले में नारी शक्ति आगे पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में पहली बार महिला पुलिस स्क्वायड का गठन किया है, जो महिलाओं को सुरक्षित करने के लिए अहम रोल निभाएगा।
जम्मू में बढ़ा अपराध ग्राफ
जम्मू में महिलाओं पर अत्याचार के मामलों में इजाफा हो रहा है। हर साल महिलाओं पर अत्याचार के मामलोें का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। जानकारी के अनुसार जम्मू महिला पुलिस सेल में वर्ष 2012 में कुल 924 शिकायतें आईं। इनमें से 833 मामलों में समझौता कराया गया और 36 मामले दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश हुए।
इसी तरह 2013 में 973 शिकायतें आईं, 922 मामले सुलझाए गए और 53 मामले दर्ज हुए। 2014 में ग्राफ बढ़कर 1128 पहुंच गया। यहां 932 मामले सुलझाए गए और 118 मामले दर्ज किए गए। इस वर्ष अभी तक दो महीनों में ही 162 शिकायतें पहुंच चुकी हैं और 13 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।