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जेएंडके में सिखों की हत्या से जुड़ी अहम खबर

Sat, 07 Feb 2015 12:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Sat, 07 Feb 2015 12:08 AM IST
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SIT demanded to investigate 1984 anti sikh riots

वर्ष 1984 के सिख दंगों की जांच के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (सिट) का गठन किए जाने के फैसले के बाद नेशनल सिख फ्रंट ने मांग की है कि सिट का दायरा जम्मू कश्मीर तक हो। रियासत के तलवाड़ा में वर्ष 1984 में 24 सिखों की हत्या की गई थी।

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साथ ही 13 जनवरी 1989 को जम्मू शहर में हुए सिख दंगों की भी जांच करवाई जाए। नेशनल सिख फ्रंट के चेयरमैन वरिंदरजीत सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि 30 साल बीत जाने के बावजूद अभी तक बेगुनाह सिखों को न्याय नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि सिट के सदस्य ईमानदार हों और इनकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट करे।
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वरिंदरजीत सिंह ने कहा कि सिखों को न्याय तभी मिल पाएगा, जब सिट तीन माह के अंदर अपनी रिपोर्ट जमा करे और उसके बाद स्पेशल कोर्ट रोजाना सुनवाई कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि सिख दंगों की जांच के लिए कई आयोग बैठे, लेकिन किसी भी आयोग ने समय पर रिपोर्ट पेश नहीं की।
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यही कारण है कि 30 साल बीत जाने के बावजूद अभी तक दोषियों को कोई सजा नहीं मिल पाई है। 13 जनवरी 1989 को जम्मू में नगर कीर्तन के दौरान हमला हुआ। उस समय 16 लोगों की हत्या हुई, लेकिन दोषियों को आज तक सजा नहीं मिल पाई।

प्रेस कांफ्रेंस में फ्रंट के प्रेसीडेंट कुलवंत सिंह भट्टी, वाइस प्रेसीडेंट गुरदियाल सिंह बाली, परमजीत सिंह, बिक्रम सिंह, रमनीक सिंह भी उपस्थित थे।

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