हिंसा के पीड़ितों की मदद के नाम पर अलगाववादी करेंगे टैक्स जैसी वसूली
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कश्मीर हिंसा के पीड़ितों की मदद के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। सहायता के नाम पर अलगाववादियों ने हर कश्मीरी से टैक्स जैसी वसूली की योजना बनाई है। सहानुभूति जताकर आम कश्मीरी तक पहुंचने की कोशिश में पीडीपी और अलगाववादियों में प्रतिस्पर्धा की स्थिति बन रही है।
अलगाववादी हर कश्मीरी और होटलों के जरिए पर्यटकों से पैसे वसूली कर फंड बना रही है जबकि पीडीपी ने सरकार की ओर से मुआवजे का एलान करवाकर अलगाववादियों से बढ़त लेने की कोशिश की है। उधर मुआवजे के मुद्दे पर भाजपा की पीडीपी से ठन गई है। तकरार बढ़ रही है।
दोनों दल आमने-सामने हैं। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती द्वारा हिंसा के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे गए लोगों के परिवार को 5 लाख रुपये और सरकारी नौकरी के एलान के खिलाफ भाजपा मुखर हो रही है। दूसरी ओर सरकार पत्थरबाजों से मुकदमे वापस लेने की भी तैयारी कर रही है।
पत्थरबाजी में सुरक्षा बलों के 5000 जवान भी घायल
अलगाववादियों ने एक ट्रस्ट बनाकर फंड जमा करने योजना बनाई है। अलगाववादी नेता इसके लिए व्यापारी संगठन, होटल मालिकों और मस्जिद कमेटियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। इस फंड के लिए हर कश्मीरी को बाजार से हर खरीद पर इस फंड में एक रुपये देने होंगे।
इसके अलावा होटलों में पर्यटकों से 5 रुपये चार्ज करने की योजना है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय को सूचित किया है। आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 92 लोगों की मौत हुई और लगभग 10 हजार लोग घायल हुए। पत्थरबाजी में सुरक्षा बलों के 5000 जवान भी घायल हुए।
मुख्यमंत्री ने मौतों की जांच के लिए सिट के गठन के अलावा पेलेट गन से घायल हुए लोगों को एक लाख रुपये के मुआवजे और आंखों की रोशनी खो चुके बच्चों को दून इंटरनेशनल स्कूल में सरकारी खर्च पर शिक्षा देने का एलान किया है।
'पत्थरबाजों के मुआवजे के निर्णय को लागू नहीं होने दिया जाएगा'
भाजपा सांसद जुगल किशोर शर्मा का कहना है कि हिंसा के दौरान सुरक्षा बलों पर हमले करने वाले लोग देशद्रोही रहे हैं। सुरक्षा बलों ने अपने बचाव में कार्रवाई की। सुरक्षा बलों पर हमले करने वाले लोगों को मुआवजा नहीं दिया जाना चाहिए।
इस एलान से पहले अमरनाथ आंदोलन में मारे गए और घायल लोगों के परिवार को मुआवजे और आंदोलनकारियों से मुकदमे की वापसी होनी चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष ने भी इस बाबत सरकार को निर्देश दिए हैं।
भाजपा विधायक रवीन्द्र रैना का कहना है कि पत्थरबाजों के मुआवजे के निर्णय को लागू नहीं होने दिया जाएगा। इस मुद्दे पर सीएम ने भाजपा को विश्वास में नहीं लिया। कैबिनेट में मुद्दा आने पर भाजपा के मंत्री इसका विरोध करेंगे।