भाजपा कार्यसमिति बैठक: घाटी के हालात और अलगाववाद के मुद्दे पर होगी विस्तृत चर्चा
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे से पहले जम्मू-कश्मीर में हो रही राज्य कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में घाटी का मुद्दा हावी रहेगा। घाटी में उत्पन्न हालात तथा पत्थरबाजी के लिए युवाओं को प्रोत्साहित किए जाने पर अंकुश लगनी चाहिए।
अलगाववाद से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होगा। साथ ही घाटी आधारित पार्टियां जो पत्थरबाजों को प्रोत्साहित कर रही हैं उन्हें भी हतोत्साहित किए जाने की जरूरत है। कार्यकारिणी की बैठक के लिए तैयार एजेंडे में कश्मीर का मुद्दा प्रमुखता के साथ रखा गया है। एजेंडे में इस बात पर चिंता जताई गई है कि घाटी के हालात खराब करने के लिए अब छात्र समुदाय को आगे किया जा रहा है।
इसमें छात्राओं को भी उकसाया जा रहा है। घाटी आधारित पार्टियों की ओर से पत्थरबाजों का समर्थन किया जा रहा है। हक के लिए पत्थरबाजी करने और केंद्र की ओर से इनके मुद्दे को हल करने संबंधी बयान देकर माहौल को और बिगाड़ने की कोशिशें कश्मीर आधारित पार्टियों की ओर से की जा रही हैं। इस मुद्दे को पार्टी ने गंभीरता से लिया है। पार्टी का मानना है कि ऐसे किसी भी राजनीतिक दल के प्रयासों को हतोत्साहित किया जाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह समेत वरिष्ठ पदाधिकारी होंगे शामिल
राज्य कार्यकारिणी की बैठक डोडा में शनिवार से आयोजित है। इसका उद्घाटन शाम तीन बजे होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डा. जितेंद्र सिंह, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना, डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह सहित भाजपा के मंत्री, विधायक तथा पार्टी पदाधिकारी शामिल होंगे।
युवाओं को जोड़ने पर होगा बल
कार्यकारिणी की बैठक में युवाओं को ज्यादा से ज्यादा जोड़ने पर बल होगा। प्रस्ताव लाया जाएगा कि युवा ही दिशा बदल सकते हैं। विकास कार्यों से लेकर हर क्षेत्र में इनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही युवाओं को राज्य तथा केंद्र सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों से जोड़ा जाए ताकि इनका प्रचार प्रसार हो और लोगों को लाभ मिल सके।