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J&K: कश्मीर के लिए नियुक्त वार्ताकार से बातचीत के मूड में नहीं दिख रहें अलगाववादी नेता
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय
Updated Wed, 01 Nov 2017 11:21 AM IST
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- फोटो : File Photo
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केंद्र सरकार की ओर से कश्मीर के लिए नियुक्त वार्ताकार से अलगाववादी बातचीत के मूड में नहीं दिख रहे हैं। वार्ताकार के नियुक्त करने के फैसले को ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) ने मात्र एक रणनीति बताया है। अलगाववादी नेताओं ने कहा कि कश्मीरियों पर सैन्य दमन में नाकाम रहने के चलते अब केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है।
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उन्होंने यह भी कहा है कि जब तक कश्मीर मसले को उसे ऐतिहासिक संदर्भ में नहीं सुलझाया जाएगा, तब तक न तो जम्मू-कश्मीर और न ही उप महाद्वीप में शांति होगी। अलगाववादी नेताओं ने बयान से संकेत दिया है कि वे केंद्र के वार्ताकार के साथ बातचीत में शामिल नहीं होंगे। गौरतलब है कि वार्ताकार शर्मा ने कहा था कि वे कश्मीर मसले के समाधान के लिए हुर्रियत समेत सभी पक्षों से बातचीत करेंगे।
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हुर्रियत (ग) के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी, हुर्रियत (म) के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारूक और जेकेएलएफ चेयरमैन यासीन मलिक के नेतृत्व वाले जेआरएल ने मंगलवार को जारी एक साझे बयान में यह कहा है कि जम्मू कश्मीर के लिए दिनेश्वर शर्मा की नियुक्ति अंतरराष्ट्रीय दबाव और क्षेत्रीय मजबूरी के तहत अपनाई गई समय लेने के लिए रणनीति से ज्यादा कुछ नहीं।
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जेआरएल का यह बयान बीती रात गिलानी के हैदरपुरा स्थित आवास पर हुई बैठक के बाद सामने आया है। जेआरएल शर्मा के उस हालिया बयान को भटकाने वाला बताया जिसमें उन्होंने कहा है कि वह कश्मीर आएंगे और युवाओं से बातचीत करेंगे ताकि कश्मीर को सीरिया बनाने की साजिश सफल नहीं हो सके।