{"_id":"5896c4674f1c1b8d73e80073","slug":"security-of-pilgrimage-will-challenge-in-amarnath-yatra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अमरनाथ यात्रा के लिए मौसम और सुरक्षा बनेगी चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरनाथ यात्रा के लिए मौसम और सुरक्षा बनेगी चुनौती
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sun, 05 Feb 2017 11:51 AM IST
विज्ञापन
अमरनाथ यात्रा
- फोटो : FILE PHOTO
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस साल श्री अमरनाथ यात्रा में मौसम और आतंकवाद दोनों ही विलेन बनेंगे। एक तरफ चार साल के बाद कश्मीर में रिकार्ड बर्फबारी हुई है।
दूसरी तरफ कश्मीर में आतंकी और उपद्रवियों से निपटना चुनौती होगा। यही नहीं, अगर बर्फबारी ऐसे ही रही, तो इस साल एक बार फिर यात्रा समय पर नहीं शुरू हो पाएगी। ऐसा चार साल पहले भी हो चुका है।
जानकारी के अनुसार श्री अमरनाथ यात्रा के दोनों रूट पर रिकार्ड बर्फबारी हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल बर्फबारी काफी ज्यादा हुई है। दोनों रूट पर अभी से 8 से 10 फुट तक बर्फ जम चुकी है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि पवित्र गुफा के पास भी 10 से 15 फुट के बीच बर्फ हो सकती है। गुरेज सेक्टर में ही 6 से 7 फुट तक बर्फ गिरी हुई है।
विज्ञापन
दूसरी तरफ कश्मीर में आतंकी और उपद्रवियों से निपटना चुनौती होगा। यही नहीं, अगर बर्फबारी ऐसे ही रही, तो इस साल एक बार फिर यात्रा समय पर नहीं शुरू हो पाएगी। ऐसा चार साल पहले भी हो चुका है।
जानकारी के अनुसार श्री अमरनाथ यात्रा के दोनों रूट पर रिकार्ड बर्फबारी हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल बर्फबारी काफी ज्यादा हुई है। दोनों रूट पर अभी से 8 से 10 फुट तक बर्फ जम चुकी है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि पवित्र गुफा के पास भी 10 से 15 फुट के बीच बर्फ हो सकती है। गुरेज सेक्टर में ही 6 से 7 फुट तक बर्फ गिरी हुई है।
विज्ञापन
आतंकवाद और प्रदर्शनों से निपटना होगा
बाबा बर्फानी
- फोटो : FILE PHOTO
जानकारी के अनुसार 2013 में अधिक बर्फबारी होने की वजह से यात्रा समय पर शुरू नहीं हो पाई थी। शिवलिंग भी कुछ ही दिन में पिघल गया। इसे देखते हुए अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने भी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रयास अभी से शुरू कर दिए हैं। यात्रा में यात्रियों के लिए खाने-पीने, रहने, दोनों मार्ग को साफ-सुथरा रखने, यात्रियों की सुरक्षा से संबंधी तमाम बंदोबस्तों के लिए अभी से प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पिछले साल अमरनाथ जाने वाले लोगों पर भी जमकर उपद्रवियों ने पथराव किया था। इसमें कई वाहन टूट गए। इस साल ऐसी घटनाओं से यात्रा को बचाना भी एक बड़ी चुनौती होगी। पिछले साल 200 से ज्यादा अमरनाथ जाने वाले वाहनों को निशाना बनाया गया था। इसमें कई यात्री घायल भी हुए थे।
पिछले साल अमरनाथ जाने वाले लोगों पर भी जमकर उपद्रवियों ने पथराव किया था। इसमें कई वाहन टूट गए। इस साल ऐसी घटनाओं से यात्रा को बचाना भी एक बड़ी चुनौती होगी। पिछले साल 200 से ज्यादा अमरनाथ जाने वाले वाहनों को निशाना बनाया गया था। इसमें कई यात्री घायल भी हुए थे।