अफवाहों से बचें, शांति के लिए करें सहयोग, चुनावों के मद्देनजर तैनात किया गया अतिरिक्त बल: राज्यपाल
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बैठक में राज्यपाल को कुछ दिनों पहले कर्फ्यू हटाने और सामान्य स्थिति की बहाली के बाद जम्मू शहर में वर्तमान सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें कश्मीर घाटी में हालात और चुनाव उद्देश्यों के लिए अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों ने बताया कि आम चुनाव में और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की आवश्यकता है।
राज्यपाल को बताया गया कि पुलवामा हमले के बाद आतंकवादी संगठनों द्वारा उम्मीदवारों और मतदाताओं को निशाना बनाए जाने आशंका बढ़ गई है। ऐसे में आम चुनाव कराने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की आवश्यकता है। आम तौर पर चुनावों से एक महीने पहले बलों को शामिल किया जाता है ताकि वे जमीनी स्तर पर समन्वय बना सकें। फिलहाल केंद्रीय बलों की 100 कंपनियों को राज्य में शामिल किया जा रहा है। आने वाले हफ्तों में इसे और अधिक बढ़ाया जाएगा।
सुरक्षा बलों की तैनाती केवल चुनाव कराने के संदर्भ में देखें: राज्यपाल
राज्यपाल ने लोगों से अपील की कि सुरक्षा बलों की तैनाती को केवल चुनाव कराने के संदर्भ में देखें। इसे किसी और संदर्भ में न लें। वर्तमान में जो अफवाह हैं, उन पर ध्यान न दें। अफवाहें अनावश्यक रूप से भय का माहौल पैदा कर रही हैं।
कश्मीरियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी देश की
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि कश्मीरियों के खिलाफ लड़ाई नहीं है, यह कश्मीर के लिए एक लड़ाई है। यह एक स्पष्ट संकेत है कि जम्मू और कश्मीर के लोग न केवल भारत का अभिन्न अंग हैं बल्कि जहां कहीं भी हैं, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी देश की है। राज्यपाल ने कहा कि 22,000 से अधिक कश्मीरी छात्र राज्य के बाहर अध्ययन कर रहे हैं। इनमें से कोई भी छात्र ऐसी किसी भी घटना में जख्मी नहीं हुआ है, जैसा कि अफवाह फैलाई जा रही है। इन छात्रों की सुरक्षा के लिए पुख्ता कदम उठाए गए हैं।
हाईवे बंद होने से हुई ईंधन की कमी
एसएसी को बताया गया कि कश्मीर में पेट्रोल चार दिन और डीजल सिर्फ एक दिन की जरूरत को पूरा करने के लिए ही उपलब्ध है। एलपीजी का कोई भंडार नहीं है। पिछले सात दिन हाईवे बंद होने के चलते यह स्थिति पैदा हुई है। जम्मू से श्रीनगर के लिए आपूर्ति बाधित हो रही है। सरकार कश्मीर क्षेत्र में आपूर्ति बढ़ाने के उपाय कर रही है। हालांकि, एहतियाती उपाय के रूप में संभागीय आयुक्त कश्मीर ने पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को रोक दिया है ताकि आपातकालीन उद्देश्यों के लिए इसका भंडार कराया जा सके। दवाइयों के मामले में भी ऐसा ही है।