{"_id":"5edb64d28ebc3e90343d7144","slug":"security-agencies-alert-in-presence-of-terrorists-in-kalakot-jammu-kashmir","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीरः वर्षों से आतंक मुक्त कालाकोट में आतंकियों की मौजूदगी से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीरः वर्षों से आतंक मुक्त कालाकोट में आतंकियों की मौजूदगी से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
Sat, 06 Jun 2020 03:11 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 06 Jun 2020 03:11 PM IST
विज्ञापन
भारतीय सेना
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वर्षों बाद कालाकोट में आतंकियों की मौजूदगी से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। किसी समय जिला राजोरी में आतंकवाद चरम पर था। उस समय कालाकोट का पहाड़ी क्षेत्र आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। सीमा पार करने के बाद आतंकी सुंदरबनी के रास्ते से होते हुए कालाकोट के घने जंगलों में पहुंचकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते रहे हैं।
विज्ञापन
वर्षों तक कालाकोट के जंगलों में सेना और पुलिस के संयुक्त अभियान की बदौलत ये क्षेत्र पूरी तरह आतंक से मुक्त था। लेकिन गुरुवार रात हुई मुठभेड़ से साफ हो गया कि आतंकी पुराने रूट के सहारे आतंक को जिंदा करने की फिराक में हैं।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार जैसे ही बरसात का मौसम शुरू होगा, क्षेत्र में मक्की के पौधे ऊंचे होने के चलते सीमापार से आतंकियों की घुसपैठ बढ़ सकती है। आतंकी इन फसलों की आड़ में आसानी से घुसपैठ करके सुंदरबनी-नौशेरा होते हुए आसानी से कालाकोट के जंगलों में पहुंचकर आतंकी गतिविधियों को बढ़ा सकते हैं।
विज्ञापन